पिथौरागढ़। नैनीसैनी एयरपोर्ट पर 17 जनवरी 2019 को जब नौ यात्रियों को लेकर हेरिटेज एविएशन का विमान उतरा था तो सीमांत की जनता को हवाई यात्रा का अपना सपना सच होता लगा था। कुछ महीने यह मुगालता बना भी रहा। कुछ महीने देहरादून-पंतनगर-हिंडन के लिए हवाई सेवा का संचालन हुआ। हालांकि बीच-बीच में उड़ान में बाधाएं आती रहीं। लेकिन 20 मार्च 2020 से यहां से हवाई सेवा पूरी तरह बंद पड़ी है। 28 वर्षों के इंतजार के बाद शुरू हुई विमान सेवा के केवल 14 माह चलने के बाद बंद हो जाने से सीमांत के लोग खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
पिथौरागढ़ जिले के नैनीसैनी में 1991 में हवाई पट्टी बनकर तैयार हो गई थी। नियमित व्यावसायिक उड़ान के लिए ट्रायल में हवाई पट्टी छोटी पड़ने पर पांच साल पहले लगभग 65 करोड़ की लागत से इसका विस्तार किया गया। विस्तार के बाद रन-वे 1600 मीटर लंबा और 60 मीटर चौड़ा बन गया था। प्रदेश सरकार ने हवाई पट्टी के विस्तार के बाद नवंबर 2015 में इस हवाई पट्टी पर नौ सीटर विमान की ट्रायल लैंडिंग कर 26 जनवरी 2016 से नियमित उड़ानें शुरू करने की कोशिश की थी। तमाम कमियों के कारण 2016 में भी उड़ान शुरू नहीं हो सकी। इसके बाद वर्ष 2018 में नागरिक उड्डयन विभाग के अधिकारियों की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल, फायरब्रिगेड, सुरक्षा व्यवस्था मुकम्मल कर टर्मिनल भवन में टिकट बुकिंग काउंटर स्थापित कर दिया गया।
17 जनवरी 2019 को शुरू हुई थी पहली व्यावसायिक उड़ान
आठ अक्तूबर 2018 को ट्रायल लैंडिंग सफल रहने के दूसरे दिन नौ अक्तूबर को गृह मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने देहरादून से पिथौरागढ़ के लिए हेरिटेज एविएशन के नौ सीटर विमान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। विमान से नैनीसैनी पहुंचे केंद्रीय कपड़ा राज्यमंत्री अजय टम्टा ने 24 अक्तूबर से सेवा शुरू करने का दावा किया। लेकिन कुछ मकानों को बाधा बताकर डीजीसीए की ओर से अनुमति नहीं मिलने के कारण हवाई सेवा में फिर विलंब हो गया। तत्कालीन वित्त मंत्री स्व.प्रकाश पंत के प्रयासों से आखिरकार हवाई पट्टी बनने के ढाई दशक बाद 17 जनवरी 2019 को पहली व्यावसायिक उड़ान शुरू हुई। देहरादून और पंतनगर के लिए नियमित उड़ान के बाद 11 अक्तूबर 2019 को गाजियाबाद के हिंडन के लिए भी सीधी विमान सेवा शुरू हुई। बीच-बीच में कुछ बाधाओं के साथ चल रही इस सेवा से सीमांत के लोगों को कुछ हद तक फायदा मिल रहा था, लेकिन 20 मार्च को लैंडिंग के दौरान विमान के रनवे पर फिसलने के बाद से विमान सेवा ठप पड़ी है।
अनियमित रही विमान सेवा
पिथौरागढ़। जनवरी 2017 में शुरू हुई विमान सेवा 14 माह में भी अनियमित ही रही। कम दृश्यता के कारण कई बार विमान को वापस लौटना पड़ा तो कभी तकनीकी कारणों से कई दिनों तक विमान सेवा का संचालन बंद रहा। इसको देखते हुए एडवांस में टिकट बुक कर हवाई यात्रा के सपने देख रहे लोगों को काफी निराशा हुई। सीमांत के लोगों ने कई बार नौ सीटर के बजाय 20 सीटर विमान का संचालन करने की मांग उठाई लेकिन बीस सीटर विमान का संचालन तो दूर नौ सीटर विमान का संचालन भी बंद हो गया।
पिथौरागढ़ जिले से सड़क मार्ग से दिल्ली या देहरादून पहुंचने में 16 से 19 घंटे का समय लगता है। विमान सेवा नियमित रहती तो यहां के लोग के लोग केवल आधे घंटे में ही गंतव्य तक पहुंच जाते। प्रदेश सरकार को सीमांतवासियों के लिए शीघ्र नैनीसैनी हवाई पट्टी से विमान सेवा नियमित रूप से संचालित करनी चाहिए।
- काशी सिंह ऐरी, शीर्ष नेता यूकेडी।
हवाई सेवा शुरू होने से यहां के लोगों को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन प्रदेश सरकार हवाई सेवा को नियमित नहीं कर सकी। सीमांत के लोगों को नियमित हवाई सेवा न मिल पाना दुर्भाग्यपूर्ण है। पिथौरागढ़ से हल्द्वानी या टनकपुर पहुंचने में ही सात घंटे लग जाते हैं। पिथौरागढ़ के नैनीसैनी से देहरादून, पंतनगर और हिंडन के लिए बीस सीटर विमान का संचालन करना चाहिए।
-सुशील खत्री, नेता आम आदमी पार्टी।