पारिस्थितिकी तंत्र एवं पर्यावरण संतुलन में इन सूक्ष्म पादपों का बड़ा योगदान माना जाता है। लाइकेन समूह जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग और वायु प्रदूषण के संकेतक के रूप में जाने जाते हैं। ग्रीन हाउस गैसों के संतुलन में भी इन पादपों का महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है।
एंटीबायोटिक दवाएं और मसालों में होता है प्रयोग
पिथौरागढ़। थैलस पादपों का उपयोग एंटीबायोटिक दवाएं, मसाले, नेचुरल डाई आदि उत्पादों को बनाने में होता है। इन्हें प्राकृतिक एंटीबायोटिक भी कहा जाता है।
थैलस पादपों से संबंधित जानकारी एवं संरक्षण के महत्व को देखते हुए मुनस्यारी के पातलथौड़ में 10 हेक्टेअर में गार्डन विकसित किया जा रहा है। यह शोधार्थियों , जिज्ञासुओं और विद्यार्थियों के लिए लाभकारी साबित होगा।
- विनय भार्गव, डीएफओ पिथौरागढ़।