पिथौरागढ़। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) तवाघाट से नाभीढांग तक सड़क सुधार चुका है। इससे आदि कैलाश, पार्वती कुंड, कालापानी, ओम पर्वत तक पर्यटकों की पहुंच आसान हो गई है। लोग एक ही दिन में दर्शन कर धारचूला लौटने लगे हैं। हालांकि अभी बीआरओ को नाभीढांग और जोंग्लिंगकांग तक डामरीकरण कार्य पूरा करने में समय लगेगा। इसके बावजूद कई पर्यटक क्षेत्र में आसानी से पहुंचने लगे हैं।
कई पर्यटक निजी वाहन से परिवार के साथ ओम पर्वत और आदि कैलाश तक पहुंचने लगे हैं जबकि पिछले साल अक्तूबर में आई आपदा के दौरान कई पर्यटक यहां फंस गए थे। बाइक से क्षेत्र में गए स्थानीय पर्यटकों को अपने वाहन रास्ते में छोड़कर लौटना पड़ा था। तब सड़क निर्माण काम चल रहा था लेकिन अब सड़क सुधारीकरण के बाद ओम पर्वत और आदि कैलाश तक दर्शन की राह सुगम हो गई है।
आदि कैलाश यात्रियों के तीसरे दल का स्वागत
बेड़ीनाग (पिथौरागढ़)। आदि कैलाश यात्रियों के तीसरे दल का पर्यटक आवास गृह चौकोड़ी में पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। शुक्रवार को राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय बरसायत के अध्यापक केएन पंत के नेतृत्व में छात्रों ने तीसरे दल के यात्रियों का स्वागत किया। दल में 40 यात्री और दो गाइड हैं। इसमें मुंबई, कोलकाता, झांसी, दिल्ली और गुजरात के यात्री शामिल हैं। दल पाताल भुवनेश्वर के दर्शन कर अगले दिन जागेश्वर होते हुए भीमताल रवाना होगा। यात्रियों के स्वागत में प्रबंधक दीपक पंत, दीप चंद्र, भीम सिंह, लाल सिंह, धन सिंह, प्रकाश, हरीश, भगवान, दीवान, गौरव, दिव्यांशु, पवन, हिमांशु, प्रियांशु, दीया, सजनी, आरुषि, हर्षिता आदि शामिल रहे।
इनरलाइन पास के लिए बढ़े ऑनलाइन आवेदन
धारचूला (पिथौरागढ़)। ऑनलाइन इनरलाइन परमिट के लिए लोगों की भीड़ उमड़ने लगी है। इनरलाइन परमिट की सुविधा ऑनलाइन होने की खबर अमर उजाला ने नौ जून को प्रकाशित की थी। जिला प्रशासन 40 दिन में 2641 इनरलाइन पास जारी कर चुका है।
जिले के साथ ही बाहरी जिलों के लोग pass.pithoragarh.online वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर रहे हैं। संयुक्त मजिस्ट्रेट नंदन कुमार ने बताया कि शुक्रवार को चार लोगों ने इनरलाइन परमिट के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है। जरूरी जांच के बाद परमिट जारी किया जाएगा। प्रशासन ने एक मई से इनरलाइन परमिट जारी करना शुरू किया था। व्यास घाटी के सात गांवों के लोगों को छोड़कर अन्य जगहों के लोगों को छियालेख से आगे जाने के लिए इनरलाइन पास की जरूरत होती है। परमिट मिलने के बाद लोग ओम पर्वत, आदि कैलाश, पार्वती सरोवर सहित अन्य पर्यटक और धार्मिक स्थल की यात्रा कर सकते हैं।
तवाघाट-नाभीढांग और गुंजी-आदि कैलाश (जोग्लिंगकांग) सड़क पर यातायात सुगम हो गया है। यातायात के सुगम होने से पर्यटक और श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। सड़क का डामरीकरण बीआरओ पूरा कर लेता है तो क्षेत्र में विदेशी सैलानी भी आने लगेंगे। - राजेंद्र भट्ट, जिलाध्यक्ष, होटल एसोसिएशन, पिथौरागढ़।
वर्तमान समय में नाभीढांग और जोंग्लिंगकांग तक सड़क काफी सुधर चुकी है। ऐसे में पर्यटकों की पहुंच काफी आसान हो गई है। धार्मिक आस्था का केंद्र होने के साथ ही ये काफी महत्वपूर्ण है। सड़क पर डामरीकरण पूरा होने के बाद लोग बाइक से ही आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन कर सकेंगे। - सुशांत कुमार हर्ष, रुद्रपुर।