गंगोलीहाट बाजार में चाय पर चर्चा करते युवा। संवाद न्यूज एजेंसी
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गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। गंगोलीहाट सीट पर भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की हैं। केवल बसपा-सपा ने ही अपने प्रत्याशियों की घोषणा की है। लोगों में प्रत्याशियों के साथ-साथ मुद्दों को लेकर भी चर्चा का बाजार गर्म है।
चाय के खोमचों पर सबसे अधिक चर्चा मुख्यमंत्री को लेकर है। युवा मतदाताओं के बीच रोजगार के सवाल पर, युवतियों और महिलाओं के बीच महिला सुरक्षा, महंगाई के मुद्दे पर चर्चाएं हो रही हैं। लोगों का कहना है कि गंगोलीहाट को गुफाओं की घाटी के रूप में विकसित किया जा सकता था लेकिन राज्य में राज करने वाली पार्टियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। विधानसभा की अधिकतर सड़कें घोड़ा मार्ग से भी बुरी स्थिति में है।
बढ़ती महंगाई में जीवन यापान करना मुश्किल हो गया है। कोविड के चलते रोजगार भी नहीं है। ऐसे हालात में परिवार का लालन पालन बड़ा कठिन होता जा रहा है। - संतोष, स्थानीय निवासी।
विधानसभा में तकनीकी शिक्षा देने वाला कोई संस्थान नहीं है, जिससे युवा रोजगार के अवसर नहीं तलाश पाता। अगर तकनीकी शिक्षा पर ध्यान दिया होता तो कोई बेरोजगारी कम होती। - पुष्कर सिंह, गंगोलीहाट।
अस्पताल तो है, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टर न होने से लोगों को हल्की सी तबीयत खराब होने में कई किलोमीटर दूर इलाज कराने के लिए जाना पड़ता है। स्वास्थ्य सेवाएं बेहाल हैं। - नारायण सिंह, स्थानीय निवासी।
आजादी के इतने वर्षों बाद भी लोग पानी और सड़क सुविधा से वंचित हैं। सरकारें चुनाव से पहले वादे तो दम ठोक कर करती हैं लेकिन बाद में समस्याओं से ही किनारा कर लेती हैं। - पूरन सिंह, गंगोलीहाट।