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पिथौरागढ़ में वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी

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पिथौरागढ़ जिला अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे मरीज। संवाद - फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। जिला अस्पताल में इन दिनों वायरल बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। रोजाना ओपीडी 650 के पार जा रही है। जिला अस्पताल में 10 दिन में 700 चर्म रोगी उपचार के लिए पहुंच चुके हैं। इसमें सबसे अधिक एलर्जी और खुजली के हैं।
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जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन एसएस कुंवर रोजाना 90 से अधिक मरीजों को देख रहे हैं, जिसमें अधिकतर मरीज वायरल बुखार के हैं। मुख्य फिजिशियन डॉ. डीएस धर्मशक्तू भी रोजाना 50 से अधिक मरीजों का परीक्षण कर रहे हैं। चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. मृगांक शुक्ला के पास रोज 70 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं, जो शरीर में एलर्जी और खुजली वाले हैं। पिछले एक सप्ताह से लगातार ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।
जिला अस्पताल में नाक, कान और गले की बीमारी से संबंधित मरीजों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। ईएनटी सर्जन डॉ. विभोर कुमार बताया कि पिछले एक सप्ताह से रोज 70 से 80 मरीज उपचार के लिए आ रहे हैं। इसके अलावा ईएनटी सर्जन डॉ. कविता लोहनी के पास भी रोज 20 से 30 मरीज पहुंच रहे हैं।
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रोजाना 90 से अधिक मरीज उपचार के लिए आ रहे हैं। इनमें सबसे अधिक वायरल बुखार के मरीज हैं। खानपान पर ध्यान नहीं देने के चलते इसके मरीजों की संख्या पिछले कुछ दिनों में बढ़ी है। ताजा खाना खाएं, गुनगुना पानी पीएं। - डॉ. एसएस कुंवर, मुख्य फिजिशियन, जिला अस्पताल
पिछले 10 दिन में लगातार एलर्जी और खुजली से संबंधित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। लोगों को अपने शरीर को तेज धूप, धूल, हवा से बचाने की जरूरत है। जितना हो सके शरीर को ढक कर रखें। - डॉ. मृगांक शुक्ला, चर्म व गुप्त रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल
नाक, कान और गले की बीमारी होने पर खुद से इलाज न करें। डॉक्टर को दिखाएं, इसके बाद ही दवा लें। कोशिश करें नाक, कान और गले में धूल न जाने दें। नाक में धूल जाने से बार-बार छींके आ सकती है और खुजली की भी शिकायत हो सकती है। - डॉ. विभोर कुमार, ईएनटी सर्जन, जिला अस्पताल।
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