पिथौरागढ़। चचेरी बहन की नाबालिग पुत्री यानी रिश्ते की भांजी के साथ दुष्कर्म करने वाले दोषी को विशेष सत्र न्यायाधीश धनंजय चतुर्वेदी ने 10 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषी को एक लाख रुपये जुर्माना भी चुकाना होगा। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को छह महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मामले के अनुसार दो फरवरी 2025 को एक व्यक्ति ने धारचूला कोतवाली में तहरीर दी। उसने बताया कि उसकी पत्नी का चचेरा भाई विकासनगर, देहरादून निवासी 12वीं में पढ़ने वाली उसकी नाबालिग पुत्री को बहला-फुसलाकर भगा ले गया है।
तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी और नाबालिग की खोजबीन शुरू की। कुछ दिन बाद पुलिस ने दोषी को देहरादून से गिरफ्तार किया। नाबालिग भी उसके साथ मिली। नाबालिग ने पूछताछ में बताया कि रिश्ते के मामा ने देहरादून, हिमाचल प्रदेश ले जाकर उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया।
मेडिकल में भी नाबालिग के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने रिश्ते के मामा खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। तब से यह मामला न्यायालय में चल रहा था इस पर शनिवार को फैसला आया।
विशेष सत्र न्यायाधीश ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। न्यायालय ने एक लाख की जुर्माने की धनराशि से पीड़िता को 80 हजार रुपये देने के साथ ही राज्य सरकार को भी प्रतिकर के रूप में उसे पांच लाख रुपये देने के आदेश दिए हैं।