पिथौरागढ़। एलएसएमपीजी कालेज पिथौरागढ़ में एमएड की कक्षाओं के संचालन के लिए प्रयास शुरू हो गए हैं। यदि स्वीकृति मिली तो एमएड के लिए यहां के छात्रों को जिले से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। इसके अलावा महाविद्यालय में योग विषय खोलने की तैयारी भी चल रही है।
सीमांत पिथौरागढ़ जिले में पिथौरागढ़ महाविद्यालय सहित सभी महाविद्यालयों में बीएड की पढ़ाई होती है लेकिन अभी तक एमएड को स्वीकृति नहीं मिल पाई है। ऐसे में जो छात्र-छात्राएं एमएड करने के इच्छुक होते हैं उन्हें जिले से बाहर जाना पड़ता है। कुमाऊं विश्वविद्यालय से एसएस जीना विश्वविद्यालय में शामिल होने के बाद पिथौरागढ़ महाविद्यालय को कैंपस का दर्जा मिल चुका है। ऐसे में यहां तमाम व्यावसायिक विषयों को स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। इसी क्रम में महाविद्यालय प्रशासन ने एमएड विषय की स्वीकृति के लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा है। अब शासन से एमएड को हरी झंडी मिलने का इंतजार है। इसके अलावा महाविद्यालय प्रशासन योग विषय भी खोलने की तैयार में जुटा है। इसके लिए जल्द ही प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा। वर्तमान में विद्यालय में बीबीए और बीसीए की पढ़ाई चल रही है।
महाविद्यालय में एमएड संचालन के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद एमएड की कक्षाओं का संचालन हो सकेगा। यहां पर कक्षाओं का संचालन शुरू होने से बीएड करने के बाद एमएड करने के इच्छुक छात्रों को बाहर की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। महाविद्यालय में योग विषय भी खोलने की तैयारी की जा रही है।
डॉ. अशोक नेगी, प्राचार्य, पिथौरागढ़ महाविद्यालय।