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खम्पा समुदाय ने धूमधाम से मनाया लोसर पर्व

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पिथौरागढ़ के झांपलिंग गोंपा में लोसर पर्व पर पूजा अर्चना करते लोग। - फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय के सुकौली में स्थित में झांपलिंग गोंपा में खंपा समुदाय ने लोसर पर्व (नया साल) धूमधाम से मनाया। क्षेत्र की सुख समृद्धि के लिए पूजा, अर्चना की गई। महिलाओं ने नृत्य कर नए साल का स्वागत किया।
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झांपलिंग गोंपा को वैदिक मंत्र के साथ पताकाओं से सजाया गया। बौद्ध गुरु लामा चांबा रिनजिन ने मंत्रों का उच्चारण कर विधिवत पूजा, अर्चना की। खंपा समुदाय के लोगों ने क्षेत्र की सुख समृद्धि और शांति के साथ कोरोना की समाप्ति के लिए प्रार्थना की और एक-दूसरे को लोसर की बधाई दी गई। महिलाएं पारंपरिक छुआ पांगजिन वेशभूषा में नजर आईं। मीठे और नमकीन चावल, नमकीन चाय, मोमो समेत 30 से अधिक पकवानों का प्रसाद बांटा गया। इससे पूर्व लोग अपने घरों से छंग, मिठाई, खजूर बनाकर लाए। इन्हें भगवान को चढ़ाया गया।
चार दिन घरों में लोसर मनाने के बाद अंतिम दिन सामुदायिक रूप से सभी लोग एक जगह एकत्र होकर पूजा, अर्चना करते हैं। एसएसबी के कमांडेंट (स्वास्थ्य) टी डोर्जे ने कहा कि समुदाय के जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई का खर्च वह उठाएंगे। यहां पर जरूरतमंद बच्चों के लिए स्कूल भी खोला जाएगा। उन्होंने समुदाय के लोगों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया। कार्यक्रम में लद्दाख स्काउट के सूबेदार टेंजन, श्याम सिंह, पान सिंह, सुनील सिंह, दिनेश सिंह, बॉबी रावत, नारायण सिंह, आनी कुसांग, सरस्वती, जबियांग आदि रहे।
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पताकाओं को जलाने से होता है मंत्रों का प्रवाह
पिथौरागढ़। बुजुर्ग चंद्र सिंह खंपा ने बताया कि पुराने वैदिक मंत्रों की पताकाओं को फेंका नहीं जाता है, बल्कि इन्हें जलाया जाता है। जलाने से मंत्रों का प्रवाह होता है। जो पूरे क्षेत्र में सुख समृद्धि का काम करती हैं। उन्होंने बताया कि पर्व एक सप्ताह तक चलता है। बच्चे, महिलाएं और युवा बेहद उत्साहित नजर आए।
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