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Pithoragarh News: मलबा आने से सीमांत जिले की लाइफ लाइन बंद, सैकड़ों वाहन फंसे

Fri, 13 Sep 2024 10:51 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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बेड़ीनाग-सेराघाट सड़क पर गिरा मलबा। संवाद
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तीन दिन से पहाड़ों पर हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। पिथौरागढ़ और चंपावत जिले में सैकड़ों वाहनों में सफर कर रहे यात्री फंसे हैं। दूध, सब्जी, भोजन समेत जरूरी चीजों के लिए लोग परेशान हो गए हैं। महिलाएं, बुजुर्ग, बच्चे अधिक परेशान हैं। एनएच बंद होने से शहरों से संपर्क कट गया है। नदियों, नालों के उफान पर आने से ग्रामीण क्षेत्र में लोग परेशान हैं। भूस्खलन से कई मकानों, घरों में दरारें आ गई हैं। कई मकान टूट गए हैं। लोगों के जरूरी काम अटक गए हैं। मलबे में दबसे से पिथौरागढ़ और चंपावत जिे में तीन लोगों की मौत हो गई। दोनों जिलों में जरूरी सामान नहीं पहुंचने से मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। लगातार जारी बारिश की वजह से राहत और बचाव कार्य में दिक्कतें आ रही हैं। जनजीवन ठहर सा गया है।
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- दूध, समाचार पत्र सहित जरूरी वस्तुओं की नहीं हो सकी आपूर्ति
- सीमांत जिले में बारिश से 30 सड़कें बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में तीन दिन से लगातार हो रही बारिश से सीमा और ग्रामीण क्षेत्र की 30 सड़कें बंद हैं। सड़कों पर जहां-तहां मलबा, बोल्डर गिरे हैं। पिथौरागढ़-घाट ऑल वेदर सड़क के बंद होने से सैकड़ों वाहन मटेला बैंड के पास फंसे हैं। दूध, समाचार पत्र सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं के वाहन भी पिथौरागढ़ नहीं पहुंच पाए। पहाड़ी से पत्थरों के गिरने के कारण सड़क खोलने में कठिनाई आ रही है।
सीमांत जिले की लाइफ लाइन कही जाने वाली पिथौरागढ़-घाट-टनकपुर सड़क में बृहस्पतिवार रात को दिल्ली बैंड के पास भारी मलबा आ गया। इसके चलते सुबह से ही यातायात बाधित हो गया। दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। एनएच ने मशीनें लगाकर मलबा हटाकर सड़क खोलने का प्रयास किया लेकिन मूसलाधार बारिश के कारण सफलता नहीं मिल सकी। सुबह से ही बस, टैक्सी, ट्रक सहित दोपहिया वाहन फंसे हैं। सड़क बंद होने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। एनएच के एई विवेक कुमार ने बताया कि बारिश के कारण मलबा हटाने में बाधा उत्पन्न हो रही है। सड़क खोलने के प्रयास चल रहे हैं।
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उधर चीन सीमा के गांवों को जोड़ने वाली तवाघाट-धारचूला सड़क तवाघाट के पास मलबा, बोल्डर आने से बंद है। आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन के लिए आए यात्री धारचूला में फंसे हैं। बेड़ीनाग-राईआगर-सेराघाट सड़क गणाई के पास मलबा आने से बाधित है। जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क घिंघरानी के पास भूस्खलन से बाधित है। इसके चलते कई वाहन फंसे हुए हैं। बंद सड़कों का कार्य खोलने का प्रयास किया जा रहा है। संवाद
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दसवें दिन भी नहीं खुल सकी थल-सातशिलिंग सड़क, एसडीएम ने किया निरीक्षण
थल (पिथौरागढ़)। जिला मुख्यालय को जाने वाली थल-सातशिलिंग सड़क दसवें दिन भी यातायात के लिए नहीं खुल सकी है। इसके चलते यात्रियों को 20 किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। एसडीएम खुशबू पांडे ने शुक्रवार को मौके का निरीक्षण किया और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सड़क कटिंग के संबंध में जरूरी निर्देश दिए।
पिछले तीन दिन से नागीमल मंदिर की दरकी पहाड़ी से लगातार मलबा और बोल्डर गिरने से कार्य प्रभावित हो रहा है। सड़क के सौ मीटर हिस्से में ऊपर की ओर से नागीमल मंदिर की पहाड़ी दरकी है। पहाड़ी से बड़े-बड़े बोल्डर लगातार गिर रहे हैं। मुख्य सड़क बंद होने से बलतिर, भांतड़, कुकरौली, मसमोली, कुमाल गांव, चोपड़ा, मुवानी सहित कई गांवों का संपर्क टूट चुका है।
मुनस्यारी, नाचनी, पांखू, क्वीटी, तेजम, बला, बिर्थी, डोर, बेड़ीनाग, धरमघर के यात्रियों को वाया डीडीहाट के रास्ते 20 किमी का अतिरिक्त फेरा और अधिक किराया देना पड़ रहा है। सातशिलिंग को जाने वाले वाहन लालघाटी से अंदर लिंक सड़क कमेटखान-टोपराधार से बलतिर होते हुए जा रहे हैं। यहां कमेटखान से करेला तक दो किमी सड़क कीचड़ से दलदल हो चुकी है। टैक्सी यूनियन अध्यक्ष बबलू सामंत का कहना है कि यदि लोनिवि डीडीहाट दलदल हो चुकी दो किमी सड़क को सोलिंग से ठीक कर दे तो आवागमन सुगम हो सकता है।
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