पिथौरागढ़। राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित सरकारी अस्पतालों में फार्मासिस्ट, नर्स तकनीशियन के पद कई साल से खाली हैं जिस कारण ग्रामीणों को स्वास्थ्य केंद्रों में उचित उपचार नहीं मिल पा रहा है। प्रदेश भर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में लैब तकनीशियनों के आधे पद रिक्त हैं। इस कारण रोगियों को छोटी-छोटी जांच कराने के लिए जिला अस्पताल या निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है।
उत्तराखंड रिसर्च ग्रुप की शोध रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि वर्ष 2005 में प्रदेशभर के सीएचसी, पीएचसी में लैब तकनीशियनों के मानकों अनुसार 259 पद सृजित होने चाहिए थे, लेकिन केवल 90 प्रतिशत पद सृजित होने के बावजूद 58 पद रिक्त थे। वर्ष 2005 में खाली पदों का प्रतिशत 64.4 प्रतिशत था। वर्ष 2020-21 में लैब तकनीशियनों के 176 पद स्वीकृत थे जिसके सापेक्ष 83 पद खाली हैं। रिक्त पदों का प्रतिशत 47 प्रतिशत है। राष्ट्रीय स्तर पर रिक्त पदों का प्रतिशत 31.5 प्रतिशत है।
वर्ष 2005 में ग्रामीण क्षेत्र के 44 सीएचसी, 225 पीएचसी में स्वीकृत पद 90 थे जिसके सापेक्ष 32 कार्यरत, 58 पद खाली थे। रिक्त पदों का प्रतिशत 64.44 प्रतिशत था। वर्ष 2017 में 60 सीएचसी, 257 पीएचसी में 106 पद स्वीकृत थे जिसके सापेक्ष 65 कार्यरत, 41 पद खाली थे। रिक्त पदों का प्रतिशत 38.68 प्रतिशत था। वर्ष 2021 में ग्रामीण क्षेत्रों के 53 सीएचसी, 245 पीएचसी में 176 पद स्वीकृत थे जिसके सापेक्ष 93 कार्यरत, 83 पद खाली हैं। खाली पदों का प्रतिशत 47.16 प्रतिशत है। तकनीशियनों के न होने से ग्रामीणों को हर जांच कराने के लिए जिला अस्पतालों में आने में उनका समय और किराया अधिक लग रहा है।
फार्मासिस्टों के 31 पद रिक्त
पिथौरागढ़। राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित सीएचसी, पीएचसी में फार्मासिस्टों के 31 पद खाली हैं। वर्ष 2005 में 44 सीएचसी, 225 पीएचसी में फार्मासिस्टों के 293 पद स्वीकृत थे जिसके सापेक्ष 281 कार्यरत, 12 पद रिक्त थे। वर्ष 2017 में 60 सीएचसी, 257 पीएचसी में 325 पद स्वीकृत थे जिसके सापेक्ष 307 कार्यरत, 18 पद खाली थे। वर्ष 2020 में 56 सीएचसी, 257 पीएचसी में 325 पद स्वीकृत थे जिसके सापेक्ष 317 कार्यरत, आठ पद रिक्त थे। वर्ष 2021 में ग्रामीण क्षेत्रों के 53 सीएचसी, 245 पीएचसी में फार्मासिस्टों के 341 पद खाली थे जिसके सापेक्ष 310 कार्यरत, 31 पद खाली हैं।
नर्सिंग स्टाफ के 248 पद रिक्त
पिथौरागढ़। प्रदेशभर में नर्सिंग स्टाफ के 248 पद खाली हैं। वर्ष 2005 में 44 सीएचसी, 225 पीएचसी में 145 पद स्वीकृत थे जिसके सापेक्ष 129 कार्यरत, 16 पद रिक्त थे। वर्ष 2017 में 60 सीएचसी, 257 पीएचसी में 307 पद खाली थे जिसके सापेक्ष 42 फार्मासिस्ट अधिक थे। वर्ष 2019 में 67 सीएचसी, 257 पीएचसी में 392 पद स्वीकृत थे जिसके सापेक्ष 329 कार्यरत, 63 पद रिक्त थे। वर्ष 2021 में 53 सीएचसी, 245 पीएचसी में 631 पद स्वीकृत थे जिसके सापेक्ष 383 कार्यरत, 248 पद खाली हैं।
फार्मासिस्ट, नर्सिंग स्टाफ, तकनीशियनों के खाली पदों को भरने के लिए सभी सीएमओ को आउटसोर्स से भरने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों में रोगियों को बेहतर सुविधाएं दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। - डॉ. शैलजा भट्ट, स्वास्थ्य महानिदेशक, उत्तराखंड।