पिथौरागढ़ के पौंण क्षेत्र में मिले जंगली बिल्ली के बच्चे। संवाद न्यूज एजेंसी
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पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय से सटे पौंण क्षेत्र में ग्रामीण जंगली बिल्ली के बच्चों को तेंदुए के बच्चे सहम गए। बजेटी के पाटा की घटना के बाद से पौंण, पपदेव, बड़ौली, हुड़ेती, जीआईसी के लोगों डर का माहौल है।
सोमवार को पौंण क्षेत्र में चंडिका मंदिर के पास तीन जंगली बल्ली के नवजात बच्चे दिखाई दिए। खेत में काम करने वालीं महिलाओं ने इन्हें तेंदुए के बच्चे समझ लिया। इसी बीच मौके पर पहुंचे लोगों ने उनके फोटो भी खींचे। इसके बाद जंगली बिल्ली के बच्चों को तेंदुए के बच्चे बताते हुए फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। वन विभाग की ओर से मंगलवार को टीम भेजकर क्षेत्र का मौका मुआयना किया लेकिन तब तक तीनों बच्चे वहां से कहीं चले गए थे। फोटो के आधार पर वन विभाग के अधिकारियों ने इनके जंगली बिल्ली के बच्चे होने की पुष्टि की। वन रेंजर डीसी जोशी ने बताया तीनों बच्चे जंगली बिल्ली के हैं। गश्त के दौरान उन्हें तेंदुआ दिखाई नहीं दे रहा है।
नाइट कर्फ्यू का अंतिम दिन
पिथौरागढ़। पौंण, बजेटी, पपदेव, जीआईसी रोड, चंडाक रोड और रई क्षेत्र में 21 से 27 सितंबर तक नाइट कर्फ्यू लगाया गया था। नाइट कर्फ्यू के दौरान वन विभाग ने गत बुधवार रात तेंदुए को गांव में जाते हुए देखा। इसके बाद तेंदुआ टीम को कहीं भी नजर नहीं आया। न ही ग्रामीणों को कहीं तेंदुआ दिखाई दे रहा है। इससे प्रशासन के साथ ही वन विभाग भी राहत महसूस कर रहा है।