पिथौरागढ़। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुनस्यारी का अस्पताल विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है। विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं होने से मरीजों को उपचार के लिए 100 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ रही है।
मुनस्यारी के सीएचसी में स्त्रीरोग विशेषज्ञ और बाल रोग विशेषज्ञ के पद लंबे समय से रिक्त हैं। स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं होने से यहां की गर्भवतियों को जांच के लिए पिथौरागढ़ की दौड़ लगानी पड़ती है। मामला गंभीर होने पर प्रसव के लिए भी जिला महिला अस्पताल ही रेफर किया जाता है।
इसके बाद सबसे बड़ी समस्या बाल रोग विशेषज्ञ नहीं होने से होती है। शिशुओं को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर उन्हें भी जिला अस्पताल ले जाना पड़ता है। अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ भी नहीं हैं। क्षेत्र में आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। दुर्घटना में किसी के घायल होने पर हड्डी के उपचार की भी कोई व्यवस्था नहीं है।
हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं होने से मरीजों को एंबुलेंस या अन्य वाहन से पिथौरागढ़ ले जाना पड़ता है। ऐसे में समय और धन दोनों की बरबादी होती है। मरीजों को समय पर उपचार भी नहीं मिल पाता है। स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती करने की मांग की है।
जिले के अन्य अस्पतालों में भी नहीं हैं विशेषज्ञ चिकित्सक
पिथौरागढ़। जिले में गंगोलीहाट, बेड़ीनाग, मुनस्यारी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इसके अलावा धारचूला में संयुक्त अस्पताल है। धारचूला में ईएनटी सर्जन और हड्डी रोग विशेषज्ञ तैनात हैं। अन्य अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद रिक्त पड़े हैं। इन अस्पतालों से जिला मुख्यालय की दूरी लगभग 100 किमी या इससे अधिक है। विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं होने से मजबूरी में मरीजों को जिला मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ती है।
कोट-
विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती के लिए शासन से पत्राचार किया गया है। विशेषज्ञ चिकित्सक मिलने पर मुनस्यारी में नियुक्ति की जाएगी। - जेएस नबियाल, सीएमओ पिथौरागढ़