ऑनलाइन दवा बिक्री के आदेश को अवैध करार देते हुए पिथौरागढ़, डीडीहाट, गंगोलीहाट, बेड़ीनाग, चंपावत, लोहाघाट, टनकपुर, बनबसा के दवा व्यवसायियों ने बुधवार को देशव्यापी हड़ताल में शामिल होकर अपने प्रतिष्ठान बंद रखे।
पिथौरागढ़ में केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के सदस्यों ने डीएम कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में कहा गया है कि ऑनलाइन दवा की बिक्री के लिए किसी भी प्रारूप में ई फार्मेसी द्वारा की जाने वाली गतिविधि न केवल उल्लंघन है वरन ड्रग कास्मेटिक एक्ट का भी उल्लंघन है। ड्रग सलाहकार समिति और अन्य समितियों ने ऑनलाइन बिक्री को अवैध करार दिया है। प्रदर्शन के बाद हुई सभा में संगठन के प्रदेश संगठन मंत्री जनक जोशी ने कहा कि इस कानून से नशीली दवाओं का कारोबार बढ़ने लगेगा। इस मौके पर जिलाध्यक्ष नरेंद्र बिष्ट, जिला महामंत्री राजेंद्र पंत, नगर महामंत्री मनोज चौहान, उपाध्यक्ष भूपेश पंत, दीपक चंद राजा, ललित तिवारी, ललित जोशी, बलवंत कन्याल, गिरीश उपाध्याय, अनिल उपाध्याय, फिरोज अहमद, जगमोहन जोशी, ललित पाटनी, एमआर यूनियन के अध्यक्ष भुवन पांडे समेत सभी दवा विक्रेता थे।
डीडीहाट में तहसील अध्यक्ष नवल पोखरिया के नेतृत्व में दवा की सभी दुकानें बंद रखी गई। इस मौके पर तारा सिंह, रघुनाथ टोलिया समेत अन्य लोग थे। गंगोलीहाट में प्रदीप पंत, प्रदीप कोठारी, भगवती प्रसाद पंत, त्रिभुवन पाठक आदि ने ऑनलाइन दवा व्यवसाय का विरोध किया। बेड़ीनाग में संगठन के अध्यक्ष प्रदीप कोठारी, महासचिव कमलेश पंत, कमल पंत, प्रदीप पंत आदि ने कानून का विरोध किया।
चंपावत में विरोध-प्रदर्शन में हरीश खर्कवाल, मनोज पांडेय, सुरेंद्र नाथ, अरविंद जोशी, डीके राय, विपिन प्रकाश, ललित जोशी, दिलीप धौनी, राकेश पाटनी आदि शामिल थे। लोहाघाट में कुछ जगहों रोगियों को परेशानी हुई। केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रकाश पुनेठा की अध्यक्षता और रवि फर्त्याल के संचालन में हुई बैठक में मनोज फर्त्याल, गुड्डू कन्नौजिया, कैलाश बोहरा, शेखर उप्रेती, नवल आर्या, आलोक जोशी, हेम पुनेठा, एनआर राय आदि थे।
टनकपुर में भी दवा विक्रेताओं ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। इस मौके पर जिला केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष भुवन जोशी, डा. नरेंद्र सिंह नेगी, संजय पांडेय, जेएस शिंदे, सुुरेश गुप्ता, चंद्रशेखर उप्रेती, संदीप महरोत्रा, अमित गर्ग, टीआर पांथरी, राजीव आर्य आदि थे। दुकानें बंद रहने से मरीजों को दवाइयों के लिए परेशानी हुई।