चंपावत। भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (एसबीआई आरसेटी) में 14 दिवसीय जूट उत्पाद निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हो गया है। इसका उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना था।
संस्थान के निदेशक प्रांशु मैठाणी ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करते हैं। उन्होंने जूट उत्पादों की बढ़ती बाजार मांग को देखते हुए इसे स्वरोजगार और आय वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण बताया। मैठाणी ने प्रशिक्षणार्थियों को अपने कौशल का उपयोग कर स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना था।
प्रशिक्षक दीपा देवी ने प्रतिभागियों को जूट बैग, सजावटी सामग्री और अन्य हस्तशिल्प उत्पाद बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के दौरान उनकी दक्षता का मूल्यांकन मौखिक और लिखित परीक्षा से किया गया। यहां प्रकाश जोशी, राजेश पंत और छवि दत्त पांडेय आदि थे।