गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। कभी पलायन के चलते सूना पड़ चुका चहज गांव में एक बार फिर रौनक भर रही है।
सदियों पुरानी महाभारत गाथा से जुड़ा पांडव जागर 17 साल बाद फिर गांव में गूंजने जा रहा है। रविवार से 22 दिनी इस धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत होगी जिसकी तैयारियों में पूरा गांव जुटा है।
मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है और क्षेत्र में उत्साह की लहर है। मंदिर कमेटी के अध्यक्ष भूपेश जोशी ने बताया कि जागर का पुनः आयोजन गांव के लिए शुभ संकेत है।
पहले यह आयोजन निरंतर होता था लेकिन पलायन के चलते परंपरा थम गई थी। अब जागर के लिए पिथौरागढ़ के आठ गांव सीलिंग क्षेत्र से जगरिया और भगरिया चहज पहुंचेंगे। आयोजन की खबर मिलते ही मैदानी इलाकों से भी लोग गांव लौटने लगे हैं।
पांडव जागर की आहट से वर्षों से बंद पड़े कई घरों के ताले खुल गए हैं और अंधेरे में डूबे आंगनों में फिर रोशनी दिखाई देने लगी है।