थल (पिथौरागढ़)। आखिरकार राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान पांखू (आईटीआई) के ताले 10 साल बाद खुल गए। अब संस्थान का संचालन होने से क्षेत्र के युवाओं को घर के नजदीक ही तकनीकी ज्ञान मिल सकेगा। इसके लिए उन्हें पलायन नहीं करना पड़ेगा।
शासन ने वर्ष 2014 में पांखू आईटीआई को मंजूरी दी थी। वर्ष 2016 में गेल्थीगाड़ा में आईटीआई का भवन भी बन गया। करोड़ों की लागत से भवन बनाने के बाद आज तक इसके ताले नहीं खुल सके थे। अनुदेशक न होने से इसका संचालन शुरू नहीं हो सका। यहां आवंटित 20 सीटों पर प्रवेश देकर संबंधित विद्यार्थियों को अस्कोट आईटीआई में तकनीकी ज्ञान देने की व्यवस्था की गई। क्षेत्र के युवाओं को आईटीआई से पढ़ाई करने के लिए पलायन करना पड़ रहा था। उनकी यह समस्या अब खत्म हो जाएगी। देर से ही सही आखिरकार आईटीआई पांखू में अनुदेशक की नियुक्ति होने पर इसके ताले खुले हैं। अब क्षेत्र के युवाओं को अपने घर के नजदीक ही तकनीकी ज्ञान मिल पाएगाा।
इस सत्र से होंगे प्रवेश
पांखू आईटीआई में फिटर ट्रेड स्वीकृत है। संस्थान में अनुदेशक पद पर रविंद्र सिंह की नियुक्ति हुई है। इ सत्र से विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। अस्कोट आईटीआई में तकनीकी ज्ञान ले रहे विद्यार्थियों को वहीं पर अपनी पढ़ाई पूरी करनी होगी। जिला पंचायत सदस्य बिमला देवी, दिनेश आर्या आदि ने आईटीआई का संचालन होने पर खुशी जताई है।
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पांखू आईटीआई का इसी सत्र से संचालन होगा। वहां अनुदेशक की नियुक्ति हो गई है। अब क्षेत्र के युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही तकनीकी शिक्षा प्राप्त होगी। - कविंद्र सिंह कन्याल, प्रधानाचार्य, आईटीआई, अस्कोट