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पिथौरागढ़ में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती की जांच शुरू

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पिथौरागढ़ कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते बेरोजगार। - फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ के जिला सहकारी बैंकों में हुई चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती की जांच शुरू हो गई है। जांच टीम ने चयनित सभी अभ्यर्थियों के शैक्षिक दस्तावेज सील कर दिए हैं।
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सोमवार को जांच टीम उप निबंधक सहकारी समिति कुमाऊं मंडल अल्मोड़ा नीरज बेलवाल के नेतृत्व में जिला सहकारी बैंक पिथौरागढ़ पहुंची। उन्होंने यहां पहुंचकर भर्ती से संबंधित सभी दस्तावेजों को खंगाला। इस दौरान टीम ने शारीरिक भर्ती परीक्षा की विडियो क्लिप भी देखी। जांच अधिकारी ने बताया कि तीन दिन तक टीम यहां रहकर पूरे मामले की जांच करेगी।
कुछ दिन पूर्व पिथौरागढ़ जिले के सहकारी बैंकों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती हुई है। 48 पदों के लिए 1387 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। भर्ती प्रक्रिया पूरा होते ही इस पर लोग तमाम तरह के सवाल उठा रहे थे जिसके बाद भर्ती परीक्षा की टीम के लिए जांच कमेटी बनाई गई थी। जांच टीम में अपर जिला सहकारी अधिकारी पीएस खोलिया, हरीश चंद्र जोशी, चेतन कुमार प्रभारी जिला सहायक निबंधक कृष्ण सिंह रौंकली, बिजेंद्र लुंठी, धर्मेंद्र धामी मौजूद रहे।
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जिला सहायक निबंधक को किया देहरादून अटैच
पिथौरागढ़। सहकारी बैंक में चतुर्थ श्रेणी भर्ती के मामले में सवाल उठने के बाद शासन ने जिला सहायक निबंधक को देहरादून अटैच कर दिया है। यहां जांच तक कृष्ण सिंह रौंकली को जिला सहायक निबंधक की जिम्मेदारी दी गई है।
बेरोजगारों ने की स्नातक स्तरीय परीक्षा रद्द करने की मांग
पिथौरागढ़। बेरोजगारों ने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग पर स्नातक स्तरीय परीक्षा में अनियमितता बरतने का आरोप लगाया। उन्होंने सीएम को ज्ञापन भेजकर परीक्षा की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की। इस दौरान उन्होंने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर परीक्षा रद्द करने की मांग उठाई।
सोमवार को बेरोजगार शंकर जोशी के नेतृत्व में कलक्ट्रेट में एकत्र हुए। उन्होंने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के खिलाफ नारे लगाकर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने 894 पदों पर हुई परीक्षा में अनियमितता बरती है। प्रत्येक प्रश्नपत्र में कई प्रश्नों को हटाया गया है, जबकि प्रश्नपत्र विशेषज्ञ समिति की ओर से बनाए जाते हैं जो इस परीक्षा में अनियमितता की ओर संकेत करता है।
उन्होंने कहा कि नॉर्मलाइजेशन का सहारा लेकर मेहनती छात्रों को कम अंक और कुछ छात्रों को अत्यधिक अंक देना समझ से परे है। उन्होंने इस परीक्षा को रद्द करने की मांग की है।
इस दौरान जगदीश सिंह सामंत, भावना धामी, बबीता धामी, जतिन भट्ट, राम चंद्र पांडेय, राकेश जोशी, राकेश भट्ट, शांति नेगी, पंकज महरा, तनुज कल्पासी मौजूद रहे।
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