पिथौरागढ़। एक प्रभावी व्यक्ति के स्टोन क्रशर को लाभ पहुंचाने के लिए गैर आबाद गांव को आबाद गांव दिखाकर पंडित दीन दयाल योजना के तहत थ्री फेस लाइन पहुंचाने के मामले में एसडीएम ने जांच पूरी कर डीएम को रिपोर्ट भेज दी है। डीएम जांच रिपोर्ट में मिले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करेंगे।
पतलदेव निवासी बहादुर सिंह बसेड़ा ने डीएम कार्यालय में पत्र देकर शिकायत की थी उनकी नाप जमीन पर बिना अनुमति के विद्युत पोल लगाए गए हैं। डीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वयं और एसडीएम को साथ लेकर इसका निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पता चला कि एक प्रभावी व्यक्ति के स्टोन क्रशर को लाभ पहुंचाने के लिए वहां से कुछ दूरी पर टू-फेस विद्युत लाइन होने के बाद थ्री फेस लाइन पहुंचा दी गई है। विद्युत लाइन पहुंचाने के लिए वन अधिनियम की धज्जियां उड़ाई गई हैं, साथ ही बिजली पोल लगाने के लिए ग्रामीणों से अनापत्ति भी नहीं ली गई है। पतलदेव में पहले से टू-फेस लाइन होने के बावजूद पंडित दीन दयाल उपाध्याय योजना के तहत विद्युत लाइन पहुंचाई गई है। जिन ग्रामीणों की नाप भूमि पर पोल गाड़े गए हैं उन्हें मुआवजा भी नहीं दिया गया है। डीएम ने कई बिंदुओं पर गड़बड़ी मिलने के बाद एसडीएम को पूरे मामले की जांच करने के बाद रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। एसडीएम नंदन कुमार ने जांच के बाद रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है। डीएम डॉ. आशीष चौहान का कहना है कि मतगणना की व्यस्तता के कारण रिपोर्ट का अवलोकन नहीं कर पाए हैं। जांच रिपोर्ट में मिले तथ्यों के आधार पर यूपीसीएल पर कार्रवाई की जाएगी।
22 फरवरी के अंक में छपी थी खबर
पिथौरागढ़। अमर उजाला ने 22 फरवरी के अंक में गैर आबाद गांव को आबाद गांव दिखाकर पहुंचा दी थ्री फेस लाइन शीर्षक से खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। डीएम और एसडीएम ने पतलदेव का निरीक्षण किया तो कई खामियां मिली थीं। इसके बाद डीएम ने एसडीएम को पूरे मामले की जांच करने के निर्देश दिए थे।