नरेंद्र चंद, पूर्व सैन्य अधिकारी।
पिथौरागढ़। कांग्रेस सैन्य प्रकोष्ठ के पूर्व कुमाऊं मंडल अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय सैनिक संस्था के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सेवानिवृत लेफ्टिनेंट कर्नल एसपी गुलेरिया ने कहा कि राष्ट्रीय सैनिक संस्था वंचित पूर्व सैनिकों के परिजनों की मदद करेगी।
यहां जारी बयान में ले. कर्नल गुलेरिया ने कहा कि कई लापता सैनिकों के परिवारों को पेंशन या अन्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता जबकि कानूनन सात वर्ष के बाद लापता व्यक्ति को मृत माना जाता है। यही नियम सेना में भी लागू होता है।
पूर्व सैनिकों या उनके परिवारजनों की पेंशन मामलों में डीएम सक्षम कोर्ट है या नहीं सेना के रिकाॅर्ड ऑफिस के अधिकारियों को इस बात की शंका रहती है जबकि पेंशन एक्ट 1871 के सेक्शन पांच के अनुसार डीएम की कोर्ट पूर्व सैनिकों और उनके परिवारजनों के पेंशन के मामलों पर फैसला देने के लिए सक्षम कोर्ट है।
स्वयं बैंक कोड बदलवाएं सेवानिवृत्त सैनिक
पिथौरागढ़। पूर्व सैनिकों को डिफेंस सैलरी पैकेज (डीएसपी) खाते का कोड स्वयं बदलवाना है। यह जिम्मेदारी पूर्व सैनिकों की है। पूर्व सैन्य अधिकारी नरेंद्र चंद ने बताया कि जानकारी न होने के कारण सेवानिवृत्ति के बाद भी डीएसपी खाते में सेवारत वाला ही कोड अंकित रहता है। इस कारण कई पूर्व सैनिकों को तीस लाख रुपये का दुर्घटना बीमा क्लेम लाभ नहीं मिल पाता। उन्होंने सभी पूर्व सैनिकों से डीएसपी खाता कोड बदलवाने की अपील की है।