पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ जिले के सरकारी अस्पतालों में 47 चिकित्सकों के पद रिक्त होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी तो मुख्यालय पर स्थित जिला अस्पताल में चिकित्सकों की कमी से हो रही है। जिला अस्पताल में 41 पद में से चिकित्सकों के 14 पद लंबे समय से खाली चल रहे हैं। वहीं चिकित्सक नहीं होने से जिले के सीएचसी और पीएचसी रेफरल सेंटर बनकर रह गए हैं। बावजूद इसके शासन की ओर से चिकित्सकों की नियुक्ति नहीं की जा रही है।
सरकार की ओर से समय- समय पर स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के तमाम दावे किए जाते हैं लेकिन पिथौरागढ़ जिले के अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी से स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। जिले के 10 अस्पतालों में चिकित्सकों के 173 पद स्वीकृत हैं जिसके सापेक्ष 126 चिकित्सक कार्यरत और 47 पद लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं। जिले में चिकित्सा अधिकारी के 15 पद स्वीकृत है जिसमें से आठ पद लंबे समय से रिक्त हैं। अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी से परेशान लोग लंबे समय से रिक्त पदों को भरने की मांग कर रहे हैं, इसके बाद भी चिकित्सकों की नियुक्ति को लेकर कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। लोगों ने शीघ्र चिकित्सकों की नियुक्ति करने की मांग की है। संवाद
इन अस्पतालों में खाली हैं पद
पिथौरागढ़। इग्यारदेवी अस्पताल में एक पद, गंगोलीहाट में पांच, मूनाकोट बड़ालू में एक, धारचूला में चार, मुनस्यारी में छह, डीडीहाट में छह और बेड़ीनाग में चार पद रिक्त चल रहे हैं। इसके अलावा अस्पतालों में चिकित्सा अधिकारी के आठ पद खाली है।
जिला अस्पताल में रोगियों को होती है दिक्क्त
पिथौरागढ़। जिला अस्पताल पिथौरागढ़ में कार्डियोलॉजिस्ट, गुप्त रोग विशेषज्ञ सहित कई अन्य चिकित्सकों के पद रिक्त होने से रोगियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल प्रबंधन को कार्डियोलॉजिस्ट नहीं होने पर मजबूरी में रोगियों को हायर सेंटर रेफर करना पड़ता है। लंबे समय से लोग यहां कार्डियोलॉजिस्ट की नियुक्ति करने की मांग कर रहे हैं। संवाद
कोट
अस्पतालों में चिकित्सकों के रिक्त पदों की सूचना लगातार शासन को भेजी जा रही है। चिकित्सक मिलने पर नियुक्ति कर दी जाएगी।
- डॉ. एचएस ह्यांकी, सीएमओ पिथौरागढ़।