मुनस्यारी के फाफा गांव निवासी एक व्यक्ति की भेड़-बकरी चराने के दौरान उच्च हिमालयी क्षेत्र में तबीयत बिगड़ गई। उन्हें डोली बनाकर फाफा गांव पहुंचाया गया। यहां से उन्हें वाहन के माध्यम से जिला अस्पताल भेज दिया गया है।
मुनस्यारी के फाफा गांव निवासी एक व्यक्ति की भेड़-बकरी चराने के दौरान उच्च हिमालयी क्षेत्र में तबीयत बिगड़ गई। उन्हें फूंगागेर के जंगल से डोली बनाकर फाफा गांव पहुंचाया गया। यहां से उन्हें वाहन के माध्यम से जिला अस्पताल भेज दिया गया है।
विकासखंड मुनस्यारी के दूरस्थ गोरीपार क्षेत्र के ग्राम पंचायत फापा गांव निवासी त्रिलोक सिंह पाना पुत्र स्व. कुंदन सिंह पाना पंचाचूली के पास फूंगागैर क्षेत्र के जंगल में भेड़-बकरियों को चराने के लिए गए हुए थे। अचानक मौसम बिगड़ने के साथ भारी बारिश और आंधी के चलते उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। किसी तरह उनके साथियों ने इसकी सूचना उनके घर तक पहुंचाई। सूचना पर फापा गांव के ग्रामीण मौके पर पहुंचे।
बमुश्किल उबड़ खाबड़ रास्ते के बीच ग्रामीणों ने दो डंडों के सहारे डोली बनाकर बीमार त्रिलोक सिंह को 15 किमी पैदल चलकर घर पहुंचाया। इसके बाद उन्हें गांव के पास स्थित जौलढ़ूंगा स्थित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। यहां प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। मरीज को लाने वालों में सुरेंद्र सिंह पाना, दीपक मेहता, दुर्योधन, कुंदन, केदार रावत, उत्तम कोरंगा, खुशाल, उमेश कोरंगा, भवान सहित कई लोग मौजूद रहे।