पिथौरागढ़। पर्यटन के साथ ही सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण थल-मुनस्यारी सड़क पर हरड़िया की पहाड़ी सबसे बड़ा खतरा बनी है। लगातार गिर रहे बोल्डर और मलबे के बीच पर्यटक, यात्रियों के साथ ही चीन सीमा पर सुरक्षा में डटे सैनिक खतरे के बीच सफर कर रहे हैं।
हैरानी है कि पहाड़ी के स्थायी ट्रीटमेंट के लिए बजट नहीं है और इसके लिए लोनिवि ने वर्ष 2022 में 19 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा था जो अब तक शासन में अटका है।
थल-मुनस्यारी सड़क से हर साल देश-विदेश के पर्यटक आवाजाही करते हैं। वहीं सैनिक भी चीन सीमा तक इसी सड़क से पहुंचते हैं। हरड़िया के पास बीते 10 साल से लगातार पहाड़ी दरक रही है और 150 मीटर दायरे में लगातार भूस्खलन हो रहा है।
लोनिवि किसी तरह पहाड़ी से गिरे मलबा और बोल्डरों को हटाकर सड़क पर आवाजाही सुचारू करता है।
चार साल पहले मलबे से ध्वस्त हो गया था पुल
पिथौरागढ़। हरड़िया के पास लगातार दरक रही पहाड़ी के ट्रीटमेंट की योजना दम तोड़ रही है। पहाड़ी का ट्रीटमेंट न होने से चार साल पूर्व मलबा और बोल्डर गिरने से यहां बना पुल ध्वस्त हो गया था। कई दिनों तक आवाजाही ठप रही और लाखों रुपये खर्च कर यहां नया पुल बनाना पड़ा। लगातार गिर रहे मलबे और बोल्डर से नया पुल भी खतरे में है। संवाद
सड़क खोलने में लाखों रुपये हो चुके हैं खर्च
पिथौरागढ़। हरड़िया के पास सड़क खोलने में बीते 10 सालों में लाखों रुपये खर्च हो चुके हैं। लोनिवि के अधिकारियों के मुताबिक हर मानसूनकाल में इस स्थान पर सड़क खोलने में दो से तीन लाख रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। संवाद
कोट
- हरड़िया की पहाड़ी के ट्रीटमेंट के लिए 19 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा है, इसे स्वीकृति का इंतजार है। बजट मिलने पर ही पहाड़ी का ट्रीटमेंट संभव है। - अंदीप राणा, ईई, लोनिवि, डीडीहाट।