राजकीय इंटर कॉलेज कोठेरा है तो इंटर कॉलेज, लेकिन यहां कक्षाएं हाईस्कूल की चलती हैं। कक्षा 6 से 10 तक की कक्षाओं को मई प्रथम सप्ताह तक एलटी के दो शिक्षक पढ़ा रहे थे। इस माह के पहले सप्ताह एलटी विज्ञान शिक्षक की पदोन्नति हो गई। अब विद्यालय में केवल व्यायाम शिक्षक ही रह गए हैं। पांच कक्षाओं को व्यायाम शिक्षक ही पढ़ा रहे हैं।
भाजपा शासनकाल में वर्ष 2011 में कोठेरा हाईस्कूल को इंटर का दर्जा दिया गया, लेकिन प्रधानाचार्य, शिक्षक और अन्य स्टाफ के पद सृजित नहीं किए गए। जनता ने पद सृजित कराने के लिए लंबी लड़ाई लड़ी, नतीजतन वर्ष 2016 में कांग्रेस शासनकाल में प्रधानाचार्य के साथ ही हिंदी, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, इतिहास, राजनीतिक शास्त्र के प्रवक्ता और प्रधान लिपिक का पद सृजित किया गया, लेकिन तैनाती एक भी पद में नहीं की गई। प्रधानाचार्य, प्रवक्ता, लिपिक विहीन राजकीय इंटर कॉलेज में वर्ष 2017 से इंटर की कक्षाओं में प्रवेश नहीं हो रहे हैं। वर्ष 2011 से 16 तक एलटी में तैनात शिक्षकों ने इंटर की कक्षाओं का संचालन किया।
एलटी में हिंदी, गणित, अंग्रेजी, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, गृह विज्ञान और कला के पद रिक्त हैं। एलटी में एकमात्र व्यायाम शिक्षक की ही तैनाती है। वर्ष 2014 में विद्यालय की छात्रसंख्या 396 थी, जो वर्तमान में 160 रह गई है। इस विद्यालय पर कोठेरा, भंडारीगांव, सिमलकोट, जाखनी, रणकोट, उकाला, जमड़कोट, तुनाड़, बोरखेत, भूलागांव, खणकटिया, झरकोठेरा समेत कई गांवों के लोग निर्भर हैं। कोठेरा के प्रधान भगवती प्रसाद कोठारी का कहना है कि अब शिक्षकों की तैनाती एवं इंटर की कक्षाओं के संचालन के लिए अभिभावकों और विद्यार्थियों को साथ लेकर आंदोलन किया जाएगा।
जीआईसी कोठेरा में मात्र एक शिक्षक की तैनाती होने के संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। शीघ्र अध्यापकों की व्यवस्था कर दी जाएगी।
-किशोर पंत, खंड शिक्षाधिकारी गंगोलीहाट