गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात चिकित्सक नसीमा बानो, प्रवर सहायक हरीश उप्रेती को हटाने और कम से कम दो विशेषज्ञ चिकित्सकों की मांग के लिए शनिवार को बाजार बंद रखा गया। व्यापार संघ अध्यक्ष हरीश सिंह धानिक के नेतृत्व में विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने मुख्य चौराहे से सीएचसी तक जुलूस निकाला। बाद में उन्होंने डॉ. तरुण सिंह बोरा के माध्यम से सीएमओ को ज्ञापन भेजा।
सीएचसी में हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक और केमिस्ट संगठन की ओर से लंबे समय से चिकित्सक और प्रवर सहायक को हटाने की मांग की जा रही है। वक्ताओं ने डॉक्टर पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में सीएचसी अनियमितताओं का केंद्र बन गया है। गरीब जनता के आयुष्मान कार्ड से हजारों रुपये इलाज के नाम पर काटे जा रहे हैं। आरोप है कि अस्पताल में दवा उपलब्ध होने के बाद भी डॉक्टर का पति अपने कमरे से आयुष्मान कार्ड पर बीमार व्यक्ति को दवाई देता है जबकि उसके पास मेडिकल संबंधी कोई डिग्री नहीं है।
वक्ताओं ने कहा कि पिछले माह जांच के लिए आई स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डॉ. बानो और प्रवर सहायक उप्रेती के खिलाफ कई अनियमितताएं पाते हुए उनका एक माह का वेतन रोका था। इससे सिद्ध होता है कि दोनों की मिलीभगत से सीएचसी में भ्रष्टाचार किया जा रहा है जिसकी जांच की जानी चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी है कि एक सप्ताह के अंदर मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन किया जाएगा। विरोध जताने वालों में भगवती पंत, रमेश बोरा, कृष्णा बोरा, भूपेश पंत, सुरेश उप्रेती, पीएल साह, जगदीश बोरा, मनीष बिष्ट आदि लोग शामिल रहे।
कोट
डॉ. नमीम बानो के खिलाफ जनता की आवाज को उच्चाधिकारियों तक पहुंचा दिया गया है। एक विशेषज्ञ चिकित्सक सीएचसी गंगोलीहाट आना है वे कब तक ज्वाइन करेंगे कहा नहीं जा सकता। - हीरा सिंह ह्यांकी, सीएमओ, पिथौरागढ़।
आंदोलन के 25वें दिन सिटोली के ग्रामीणों ने दिया धरना
सीएचसी डीडीहाट में व्यवस्थाएं सुधारने की मांग
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। सीएचसी में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने की मांग के लिए चल रहे आंदोलन के 25वें शनिवार को ग्राम पंचायत सिटोली के ग्रामीणों ने धरना दिया। ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। कार्यक्रम के संयोजक रविंद्र बोरा ने कहा कि सरकार प्रशासन और पुलिस का डर दिखाकर उनके आंदोलन को खत्म करना चाह रही है। वक्ताओं ने कहा कि तीन सूत्री मांग के पूरा नहीं होने से लोग का सरकार के खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है। धरने पर बलवंत बोरा, अजय बोरा, प्रकाश बोरा, भूपेंद्र बिष्ट, विमला देवी और इंद्रा देवी बैठे। धरना को हेमा देवी, जयंती देवी, दीपा देवी, कमला देवी, विमला देवी, रविंद्र बोरा आदि ने समर्थन दिया। संवाद