गणाई गंगोली के गौरादेवी के जंगलों में इस तरह लगी है आग।
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पिथौरागढ़। सीमांत जिले में आग की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। अभी तक आग की 43 घटनाओं में 69.50 हेक्टेअर जंगल जलकर राख हो गया है। जंगलों में आग की घटनाएं बढ़ने के बाद हर ओर धुंध छाई हुई है। जंगलों की आग का सबसे अधिक प्रभाव वन्यजीवों पर पड़ रहा है। अभी तक सबसे अधिक आग की घटनाएं गंगोलीहाट क्षेत्र में हुई हैं।
सीमांत जिले में आरक्षित वन 75583.16 हेक्टेअर में फैले हैं। अभी तक आरक्षित वनों में आग की 12 घटनाओं में 19.75 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है। जिले में 277175.09 हेक्टेअर में पंचायती वन फैले हैं, जिसमें अभी तक आग की सर्वाधिक 49 घटनाएं हुई हैं। इसमें 49.25 हेक्टेअर वन क्षेत्र आग से प्रभावित हुआ है। इसके अलावा जिले में 41748.00 हेक्टेअर में सिविल वन फैले हैं। इनमें आग की अभी तक एक घटना में 0.50 हेक्टेअर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है। जिले के अधिकतर जंगलों में आग लगी हुई है। आग से सबसे ज्यादा गंगोलीहाट के जंगल प्रभावित हैं। जंगलों में आग की घटनाओं के कारण वन्यजीवों पर सर्वाधिक प्रभाव पड़ रहा है। आग की घटनाओं के कारण जंगलों में प्राकृतिक जल स्रोत भी सूख रहे हैं।
गणाई गंगोली के गौरादेवी के जंगलों में धधकी आग
गणाई गंगोली (पिथौरागढ़)। गणाई गंगोली के गौरादेवी के जंगल में आग लगने से वन संपदा को काफी नुकसान पहुंचा है। वन विभाग की टीम लगातार आग पर काबू पाने की कोशिश रहा है लेकिन आग के भीषण होने से काबू पाने में दिक्कत हो रही है। फॉरेस्टर मदन राम ने बताया कि वन विभाग की टीम और मजदूर लगाकर आग पर लगातार काबू पाने का प्रयास किया जा रहा है।
जंगलों की आग की घटना की जानकारी मिलते ही तुरंत आग पर काबू पाने के लिए टीम को भेजा जा रहा है। जो भी व्यक्ति जंगलों में आग लगाते हुए पकड़ा जाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - कोको रोसे, डीएफओ पिथौरागढ़।