पिथौरागढ़। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत नेड़ा में अपराजिता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें महिलाओं ने कहा कि बालिकाओं में रक्त की कमी को दूर करने के लिए माता-पिता को फास्ट फूड की जगह मोटा अनाज खिलाना चाहिए। स्वस्थ बालिकाएं ही राष्ट्र का भविष्य हैं।
मंगलवार को नगर के नेड़ा में अपराजिता कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता कमला बिष्ट ने कहा कि आज खाने को बहुत चीजें हैं, लेकिन लड़कियों में खून की कमी है। इसे लेकर अभिभावकों को सावधान होने की आवश्यकता है। समाज सेवी लीला शर्मा ने कहा कि पहले मड़वा, भट, गहत, झिंगोरा, मक्का आदि मोटे अनाज प्रचुर मात्रा में खाए जाते थे। आयरन की कमी को दूर करने के लिए लोहे की कढ़ाई में खाना बनाया जाता था। बदलते जमाने की बीच अब आयरन की गोलियां दी जा रही हैं।
सामाजिक चिंतक डॉ. तारा सिंह ने कहा कि वर्ष 2023 को संयुक्त राष्ट्र संघ ने मोटा अनाज घोषित किया ताकि लोग मोटे अनाजों की पौष्टिकता को समझ सके और उन्हें खाए। इस अनाज के सेवन से रक्त की कमी को दूर किया जा सकता है। सुनीता आकोटी ने कहा कि स्वस्थ बालिकाएं राष्ट्र का भविष्य हैं। इस मौके पर उषा बड़, हेमा शर्मा, भारती शर्मा, अंजली शर्मा, गीता शर्मा, रेखा, हरिप्रिया, भारती सिंह, बसंती शर्मा, तुलसी शर्मा, गंगा देवी, भागीरथी, जानकी शर्मा, वंदना खड़ायत, कशक शर्मा, ज्योति भट्ट, रेनू, चांदनी शर्मा आदि मौजूद रहीं।
बोली महिलाएं-
आज बेटियां हर क्षेत्र में बेटों की बराबरी कर रही हैं। इसलिए बेटी को किसी भी रूप में कम नहीं आंका जा सकता है। बेटियों को स्वस्थ रहना होगा। - बीना शर्मा।
प्रतिवर्ष आठ मार्च को महिला दिवस मनाया जाता है। जिसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को उनके हितों को लेकर जागरूक करना है। आज के समय में महिलाओं और बालिकाओं को अपने स्वास्थ्य के पर ध्यान देने की आवश्यकता है। - देवकी कोरंगा।