पिथौरागढ़ नगर के कुमौड़ में पिंजर में कैद मादा तेंदुआ।
पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय के कुमौड़ गांव में भले ही दहशत का पर्याय बनी एक मादा तेंदुआ पिंजरे में कैद हुई है लेकिन अब शावकों और नर तेंदुए ने दिक्कत बढ़ा दी है। शावक और नर तेंदुआ नजर आने से लोगों में दहशत है। वन विभाग भी मान रहा है कि फिलहाल खतरा कम नहीं हुआ है। मां तेंदुए के पकड़ में आने से नर तेंदुआ और शावक हिंसक हो सकते हैं।
पिछले कई दिनों से मुख्यालय के कुमौड़ के आबादी वाले क्षेत्र में तेंदुओं की सक्रियता से लोगों में भय का माहौल बना हुआ था। एक साथ तीन से चार तेंदुए दिन में भी टहलते हुए लोगों को दिखाई दे रहे थे। ऐसे में क्षेत्र के लोग शाम होते ही घरों में कैद होने के लिए मजबूर थे। वन विभाग ने क्षेत्र के कोट में तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया और निगरानी के लिए सीसीटीवी भी लगाए। बीते सोमवार देर रात को एक मादा तेंदुआ पिजरे में कैद हो गई। सभी को उम्मीद थी कि तेंदुए के पकड़े जाने से अब दहशत खत्म होगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। क्षेत्र के लोगों के मुताबिक, मादा तेंदुए के पिंजरे में कैद होते ही आसपास शावक और नर तेंदुआ नजर आया। ऐसे में आशंका है कि मादा तेंदुए के पकड़ में आने से नर तेंदुआ और शावक हिंसक हो सकते हैं। इन हालात में क्षेत्र के लोगों में दहशत का माहौल है।
रेंजर, दिनेश जोशी ने कहा कि अभी भी क्षेत्र में अन्य तेंदुए होने की आशंका है। टीम उनकी सक्रियता का पता लगा रही है। इसके बाद आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। लोगों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है।