लघु जल विद्युत निगम की ओर से बनाई जा रही सुरिंगगाड़ फेज टू बिजली परियोजना के निर्माण से तल्लादुम्मर गांव को खतरा हो गया है। गांव के लोगों का कहना है कि परियोजना निर्माण के समय चट्टान को काटने के लिए विस्फोटकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन विस्फोटों से पत्थर और मलबा गांव में पहुंच रहे हैं। लोगों के घरों और खेतों को नुकसान पहुंच रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि परियोजना का निर्माण शुरू करते वक्त लघु जल विद्युत निगम के अधिकारियों के साथ यह लिखित समझौता हुआ था कि भारी विस्फोटकों का प्रयोग नहीं किया जाएगा और गांव के खेत तथा मकानों को खतरा नहीं होने दिया जाएगा लेकिन इस समझौते का सरासर उल्लंघन किया जा रहा है।
दुम्मर गांव को पहले से ही आपदा प्रभावित की श्रेणी में रखा गया है। गांव के निचले हिस्से को गोरी के कटाव से खतरा हो रहा है और अब बिजली परियोजना के निर्माण के कारण गांव में दोहरा खतरा पैदा हो गया है। ग्राम प्रधान पंकज सिंह ने कहा है कि अधिकारियों ने यदि गांव की सुरक्षा का ध्यान नहीं दिया तो बड़ा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। भाजपा विधानसभा क्षेत्र प्रभारी जगत मर्तोलिया ने कहा है कि गांव के लोगों के हितों की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी। यदि सुरक्षा के उपाय नहीं किए गए तो आंदोलन छेड़ा जाएगा।