टनकपुर(चंपावत)। अमृत भारत योजना के तहत हाईटेक स्वरूप ले रहा पहाड़ का प्रवेश द्वार टनकपुर रेलवे स्टेशन इन दिनों यात्रियों की बंपर आवाजाही से गुलजार है। पर्यटन का पीक सीजन न होने के बावजूद (ऑफ सीजन में भी) प्रतिदिन करीब ढाई हजार यात्री इस स्टेशन से ट्रेन पकड़कर अपने गंतव्य के लिए रवाना हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों और केंद्रीय रेलवे की ओर से किए जा रहे आधुनिकीकरण के चलते टनकपुर स्टेशन क्षेत्र का प्रमुख रेल केंद्र बनता जा रहा है। वर्तमान में इस स्टेशन से दिल्ली, देहरादून, मथुरा और नांदेड़ जैसे महत्वपूर्ण मार्गों के लिए एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन हो रहा है। यात्रियों की सुगमता के लिए दिल्ली के लिए दैनिक एक्सप्रेस, बरेली के लिए दो और पीलीभीत के लिए प्रतिदिन तीन डेमू व पैसेंजर ट्रेनें चल रही हैं। इसके अलावा अछनेरा एक्सप्रेस, त्रिवेणी एक्सप्रेस (सिंगरौली और शक्तिनगर), दौराई एक्सप्रेस और नांदेड़ एक्सप्रेस जैसी साप्ताहिक व विशेष ट्रेनें भी मुसाफिरों को अपनी सेवाएं दे रही हैं।
यात्रियों को आधुनिक और बेहतर सफर का अनुभव देने के लिए स्टेशन पर एस्केलेटर (स्वचालित सीढ़ी) और लिफ्ट जैसी सुविधाएं पहले ही शुरू की जा चुकी हैं।
स्टेशन अधीक्षक नारायण सिंह राना ने बताया कि मुसाफिरों की बढ़ती संख्या और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए स्टेशन की क्षमता का विस्तार किया जा रहा है। मौजूदा तीन प्लेटफॉर्मों के अलावा दो नए प्लेटफॉर्मों का निर्माण युद्ध स्तर पर जारी है जिनके वर्ष 2027 तक पूरा होने की पूरी संभावना है। इन नए प्लेटफॉर्मों के तैयार होने के बाद टनकपुर से लंबी दूरी की और अधिक एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन बेहद आसान हो जाएगा।