पिथौरागढ़। सीमांत जिले में स्वास्थ्य सेवाएं पटरी पर नहीं आ पा रही हैं। जिला अस्पताल में इमरजेंसी में ड्यूटी के लिए ईएमओ की कमी जिले के मरीजों पर भारी पड़ रही है। ईएमओ न होने से ईएनटी सर्जन को इमरजेंसी में तैनात कर दिया गया और इसकी जानकारी मरीजों को नहीं मिली। ईएनटी सर्जन के कक्ष में ताले लटकने से कई मरीज बगैर इलाज के बैरंग लौटे।
दरअसल जिला अस्पताल में इमरजेंसी में तैनाती के लिए ईएमओ के 12 पद स्वीकृत हैं। इसके सापेक्ष सिर्फ छह ईएमओ तैनात हैं। रात और दिन की ड्यूटी के लिए पर्याप्त ईएमओ न होने से विशेषज्ञों की तैनाती इमरजेंसी में करनी पड़ रही है। शनिवार को भी ईएनटी सर्जन की ड्यूटी इमरजेंसी में लगाते हुए इनके कक्ष में ताले लगाकर जिम्मेदारी निभा दी गई। हैरानी है कि सर्जन के कक्ष में उनके इमरजेंसी में तैनात होने की जानकारी चस्पा नहीं की गई। सुबह से नाक, कान और गले की दिक्कतों से जूझते हुए जिला अस्पताल पहुंचे। ईएनटी सर्जन के कक्ष में ताले लटकने और इनकी ड्यूटी इमरजेंसी में लगने की जानकारी न मिलने से कई मरीजों को बगैर इलाज के ही लौटना पड़ा। मरीज निजी अस्पतालों में जाने के लिए मजबूर हुए।
विशेषज्ञों की ड्यूटी इमरजेंसी में लगने से प्रभावित हो रही हैं स्वास्थ्य सेवाएं
हर रोज अलग-अलग विशेषज्ञों की इमरजेंसी में ड्यूटी लगने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। विशेषज्ञ ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों का इलाज नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में मरीज निजी अस्पतालों के चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं।
केस एक
कान में दर्द से जूझते हुए ईएनटी सर्जन को दिखाने पहुंची। ईएनटी सर्जन के कक्ष में ताले लटके मिले। घंटों पूछताछ के बाद उनके इमरजेंसी में तैनात होने की जानकारी मिली तब जाकर मुझे इलाज मिला। कई मरीज ईएनटी सर्जन के न मिलने से बगैर इलाज के लौटे। - रितु गुप्ता, पिथौरागढ़
केस दो
गले के दर्द से जूझते हुए जिला अस्पताल पहुंचा। ईएनटी सर्जन के कक्ष के दरवाजे बंद मिले। इनके अस्पताल में मौजूद होने की जानकारी भी नहीं मिली। ऐसे में निजी अस्पताल में इलाज कराना पड़ा। - शेखर धामी, कनालीछीना
कोट
ईएमओ की कमी से कई बार विशेषज्ञों की ड्यूटी इमरजेंसी में लगानी पड़ती है। जल्द ही ईएमओ की तैनाती होनी है। इसके बाद व्यवस्थाएं पटरी पर आएंगी। - डॉ. भागीरथी गर्ब्याल, पीएमएस, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़