पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय सहित जिले के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बारिश के बाद मलबा गिरने से जिले में आठ सड़कें बंद हो गईं। इस कारण 40 से अधिक गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है। सड़कों पर जलभराव होने से यात्री और वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। सड़क बंद होने से एक बरात भी तीन घंटे तक फंसी रही।
सीमांत जिले में बीते मंगलवार की रात भारी बारिश हुई। जिला मुख्यालय समेत डीडीहाट, गंगोलीहाट, बेड़ीनाग, धारचूला, मुनस्यारी, बंगापानी, तेजम, देवलथल, थल, कनालीछीना सहित अन्य हिस्सों में भारी बारिश से जनजीवन खासा प्रभावित रहा। बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर आ गए। मलबा गिरने से नाचनी-भैंसकोट, बाथीगूंठ-सुंदरीनाग, डीडीहाट-आदिचौरा, बुंगाछीना-बाटुला, चंडाक-चमाली, बडारी-गुरना, मसूरीकांडा-होकरा और तल्लीसार सड़कों पर आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई।
सड़कें बंद होने से क्षेत्र की 30 हजार से अधिक की आबादी को परेशानियों का सामना करना पड़ा। नाचनी में मसूरीकांडा-होकरा सड़क के बंद होने से बांसबगड़ से कोटा गांव जा रही बरात भी फंस गई। दूल्हा और बरातियों को तीन घंटे तक सड़क खुलने का इंतजार करना पड़ा। आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक नाचनी-भैंसकोट और मसूरीकांडा-होकरा सड़क पर आवाजाही शुरू करा दी गई है जबकि अन्य सड़कों को खोलने का कार्य जारी है।
थल-मुनस्यारी सड़क सात घंटे बाद खुली
मुवानी में महाविद्यालय को जोड़ने वाली सड़क बंद
पिथौरागढ़ 49.00
गंगोलीहाट 18.00
बेड़ीनाग 02.00
डीडीहाट 58.08
धारचूला 22.00
मुवानी 11.04
बंगापानी 30.00
तेजम 44.00
देवलथल 50.00
थल 10.00
कनालीछीना 55.03
मलबा आने से बंद हुई सड़कों को खोलने का कार्य जारी है। जेसीबी मशीने लगाकर मलबा हटवाया जा रहा है। जल्द ही सभी सड़कों पर आवाजाही शुरू करा दी जाएगी। - भूपेंद्र सिंह महर, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, पिथौरागढ़