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सड़क खोलने के लिए बीआरओ के ‘हाथ तंग’

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धारचूला में भारत- चीन सीमा सड़क बंद होने से मुश्किल में आवाजाही करते लोग। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : PITHORAGARH
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धारचूला(पिथौरागढ़)। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण दारमा-चीन की तवाघाट से सोबला की करीब 25 किमी बंद पड़ी सड़क खोलने की गति बेहद धीमी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इसकी बड़ी वजह बजट की कमी है। स्थानीय लोगों का भी मानना है कि बजट की कमी ही मुख्य वजह है नहीं तो बीआरओ सड़क खोलने में विलंब नहीं करता है।
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ग्रिफ की तवाघाट से सोबला की सड़क की हालत काफी खराब है। कई जगहों पर सड़क की चौड़ाई कम है। जगह-जगह पर सड़क में गड्ढे और बोल्डर लटके हैं। तवाघाट से आगे दो-तीन किलोेमीटर और जीआईसी खेत के पास 500 मीटर की सड़क बरसात में हमेशा भूस्खलन होने से एक से तीन महीने तक बंद रहती है। इसकी वजह से सीमांत के लोगों को आवाजाही में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस वर्ष भी 16-17 जून की बारिश से सड़क 75 दिनों से बंद पड़ी है। दारमा घाटी के जनप्रतिनिधियों ने राज्य और केंद्र सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि सरकार को चीन सीमा से सटी सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण दारमा घाटी की सड़क पर भी ध्यान देना चाहिए। भाजपा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र थापा और नगर मंडल अध्यक्ष कृष्णा गर्ब्याल ने कहा इसे लेकर रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट को ज्ञापन भेजेंगे।
ग्रिफ को मेंटेनेंस की राशि जारी करनी चाहिए
धारचूला। दारमा घाटी के लोगों का कहना है कि चीन से अगर झड़प जैसे हालात फिर बने तो खराब और बंद सड़क की वजह से मोर्चे तक हथियार पहुंचाने में ही तीन से पांच दिन लग जाएंगे। वहीं चीन कुछ घंटों में ही हमारी सीमा तक पहुंच जाएगा। केंद और राज्य सरकार को दारमा की चीन सीमा तक जल्द से जल्द सड़क चौड़ीकरण, सुधारीकरण के लिए ग्रिफ को बजट जारी करना चाहिए।
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75 दिनों से बंद है सड़क
धारचूला। पिछले 75 दिनों से ग्रिफ की तवाघाट से सोबला और सीपीडब्ल्यूडी की सोबला से ढाकर तक सड़क बंद है। इससे तल्ला- मल्ला दारमा और चौदास घाटी के 40 से छोटे-बड़े गांव, सेना व आईटीबीपी के जवानों को भी 10 से 15 किमी की जान जोखिम में डाल आवाजाही कर रहे हैं। सड़क बंद होने से लोगों को रोजमर्रा की खाद्य सामग्री भी दोगुने से तिगुने दामों में भी उपलब्ध नहीं हो पा रही है। दांतु प्रधान जमन दताल और दारमा घाटी की अंतिम गांव की सीपु प्रधान शांति देवी ने कहा सड़क के लिए राशि जारी कर युद्ध स्तर पर सड़क खोलने का कार्य कर सीमांत वासियों को राहत देनी चाहिए। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बलुवाकोट से तवाघाट तक सड़क चौड़ीकरण के टेंडर हो चुके हैं। कुछ महीने में कार्य शुरू हो जाएगा। तवाघाट से सोबला तक सड़क के चौड़ीकरण की उच्च स्तर पर वार्ता चल रही है।
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