पिथौरागढ़। इस बार बारिश नहीं होने से पेयजल योजनाओं के स्रोतों में पानी का स्तर कम होने लगा है। इस कारण पिथौरागढ़ नगर में लोगों को गर्मी में पानी की किल्लत का सामना कर सकता है। यदि बारिश नहीं हुई तो जल संस्थान को भी पानी की आपूर्ति करने में काफी मशक्कत करनी पड़ेगी। हालांकि जल संस्थान ने जल संकट से निपटने के लिए टैंकरों से पानी की आपूर्ति करने के लिए टेंडर लगा दिए हैं।
नगर की एक लाख से अधिक की आबादी के लिए इस समय आंवलाघाट, घाट और ठूलीगाड़ पंपिंग योजना से जलापूर्ति होती है। इसके अलावा महादेव, रईगाड़ आदि स्थानों पर भी छोटी पंपिंग योजनाएं हैं। इसके बावजूद नगरवासियों को जरूरत का पानी नहीं मिल पाता है। कई काॅलोनियों में एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति की जाती है। नगर सहित आसपास के गांवों को 12 एमएलडी पानी की जरूरत है। जरूरत के मुताबिक पानी स्टोर नहीं होने से विभाग एक दिन छोड़कर पानी देता है।
इस साल पिछले चार माह से बारिश नहीं हुई है। ऐसे में स्रोतों में पानी कम होने से गर्मियों में संकट और अधिक गहरा सकता है। जल संस्थान से मिली जानकारी के अनुसार पेयजल योजना के स्रोतों में पानी का स्तर कम होने लगा है। ऐसे में अगर जल्द बारिश नहीं होती है तो आगामी एक-दो माह में पानी की भीषण कमी हो सकती है। हालांकि विभाग ने इस समस्या से निपटने के लिए तैयारी पहले ही शुरू कर दी है।
जल संस्थान के अधिशासी अभियंता सुरेश जोशी ने बताया कि टैंकरों, पिकअप से पानी की सप्लाई की जाएगी। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। जहां पर वाहन नहीं पहुंच पाएंगे वहां अन्य संसाधनों से पानी की सप्लाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि अगर बारिश हो गई तो पानी की दिक्कत नहीं होगी।