मुनस्यारी सीएचसी में संचालित जनऔषधि केंद्र का निरीक्षण करते एसडीएम आशीष जोशी। संवाद
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। सीमांत जिले के सरकारी अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मी मरीजों के इलाज को लेकर गंभीर नहीं हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मुनस्यारी सीएचसी में ओपीडी शुरू होने के आधे घंटे बाद भी चिकित्सक और अन्य कई स्वास्थ्य कर्मी नहीं पहुंचे। एसडीएम के छापे में स्वास्थ्य कर्मियों की यह लापरवाही उजागर हुई। अस्पताल में जन औषधि केंद्र बगैर लाइसेंस के संचालित होता मिला, इसमें बाहर की दवाएं भी बेची जा रही थी।
सोमवार को एसडीएम आशीष जोशी सुबह 8:30 बजे सीएचसी पहुंचे। ओपीडी शुरू होने का समय आठ बजे है लेकिन आधे घंटे बाद यहां प्रभारी चिकित्साधिकारी सहित सात चिकित्सक, दो नर्सिंग स्टाफ, एक स्वच्छक और वार्ड बॉय अस्पताल में नहीं पहुंचे थे। मरीज इलाज के लिए डॉक्टरों का इंतजार करते रहे। समय का पालन सिर्फ एक फार्मासिस्ट ने किया। इस दौरान दवाओं के स्टॉक की जांच की गई तो उसमें गड़बड़ी मिली, जिस पर एसडीएम ने गहरी नाराजगी जताई।
सीएचसी में संचालित जन औषधि केंद्र के निरीक्षण के दौरान पता चला कि इसका लाइसेंस वर्ष 2022 में खत्म हो चुका है। लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं कराया गया था। यही नहीं केंद्र में बाहर की दवाएं भी मिलीं। एसडीएम ने कहा कि मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लापरवाह स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा एसडीएम ने प्राथमिक विद्यालय का भी निरीक्षण कर वहां शिक्षा और भोजन की व्यवस्थाएं परखीं। विद्यार्थियों से गणित के कुछ सवाल पूछे गए, जिनका उन्होंने सही उत्तर दिया। मध्याह्न भोजन भी मानकों की कसौटी पर खरा उतरा। वहां तहसीलदार वतन गुप्ता, नायब तहसीलदार भुवाल लाल वर्मा शामिल रहे।
एक शौलाचय बंद, दूसरे में पानी नहीं
सीएचसी में मरीजों और तीमारदारों के लिए बने शौचालयों ने भी बदहाल व्यवस्थाओं की पोल खोली है। एसडीएम के छापे में एक शौचालय बंद मिला तो दूसरे में पानी नहीं आ रहा था। ऐसे में मरीज और तीमारदारों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कोट
सीएचसी में तय समय के बाद भी कई स्वास्थ्य कर्मी नहीं पहुंचा था। जन औषधि केंद्र में खामी मिली है। इन मामलों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर डीएम को भेजी जाएगी। लापरवाही बरतने वाले स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। - आशीष जोशी, एसडीएम, मुनस्यारी