पिथौरागढ़/चंपावत। शनिवार को पिथौरागढ़ और चंपावत में दिनभर मौसम की आंख मिचौली जारी रही।आसमान में सुबह से ही बादल छाए रहे। दोपहर में कुछ देर के लिए धूप निकली लेकिन अपराह्न बाद फिर से बादल छा गए। इससे लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है।
सीमांत जिला पिथौरागढ़ में लंबे समय से बारिश नहीं हुई है। उच्च हिमालयी क्षेत्र में इस बार अभी तक बर्फबारी भी नहीं होने से चोटियां काली दिखाई दे रही हैं। किसान फसलों के लिए आसमान की ओर उम्मीद लगाए हैं। शनिवार को सुबह से ही आसमान बादलों से पटा रहा। प्रात: आठ बजे बाद हल्की धूप खिली। शाम होते-होते एक बार फिर से आसमान में बादल छाने लगे। जिले के मुनस्यारी, अस्कोट, डीडीहाट, कनालीछीना, बेड़ीनाग, गंगोलीहाट आदि जगहों पर ठंड बढ़ गई है। कई जगहों पर लोग सुबह-शाम आग का सहारा ले रहे हैं। आसमान में घने बादल देख बारिश की संभावना जताई जा रही है। संवाद
चंपावत जिला मुख्यालय में मौसम बदलने के लिए साथ ही ठंड में इजाफा हो गया है। शनिवार को सुबह हल्के बादलों के बीच गुनगुनी धूम का आनंद लोगों ने लिया। कुछ देर बाद पूरे आसमान में बादल छा गए। बादल छाने के साथ ही मौसम में ठंडक बढ़ गई। बाजार में भी लोगों की चहल पहल कम हो गई। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार को न्यूनतम तापमान एक डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 17.5 डिग्री सेल्सियस मापा गया। जबकि शनिवार को न्यूनतम 1.5 डिग्री और अधिकतम 16 डिग्री सेल्सियस नापा गया। पिछले दो दिन से ठंड बढने से लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बढ़ रही ठंड से बचाव के लिए प्रशासन ने नगर में जगह-जगह अलाव जलाए हैं, इससे राहगीरों को बड़ी राहत मिली रही है। पाले से बचाव के लिए संवदेनशील स्थानों में लोनिवि चूना छिड़काव कर रहा है। संवाद