फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डीडीहाट जिला आंदोलन : प्रकाश बोरा को प्रशासन ने आमरण अनशन से उठाया

विज्ञापन
आमरण अनशन में बैठे प्रकाश बोरा को अस्पताल ले जाते पुलिस जवान। - फोटो : PITHORAGARH
विज्ञापन
डीडीहाट(पिथौरागढ़)। डीडीहाट को जिला बनाने की मांग को लेकर चल रहा आमरण अनशन जारी है। आंदोलन को समर्थन देने के लिए बड़ी संख्या में लोग आंदोलन स्थल पहुंच रहे हैं। इधर पांच दिनों से आमरण अनशन में बैठे प्रकाश बोरा के स्वास्थ्य में आ रही गिरावट को देखते हुए बुधवार को प्रशासन ने उन्हें जबरन उठाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया। उनके स्थान पर कैंसर पीड़ित युवक ने अनशन शुरू कर दिया है। जिला बनाओ संघर्ष समिति के संयोजक कुंडल सिंह कन्याल ने कहा कि सरकार इस निर्णायक आंदोलन को कुचलने का कितना ही प्रयास कर ले लेकिन जब तक डीडीहाट को जिला घोषित नहीं कर दिया जाएगा तब तक आमरण अनशन जारी रहेगा।
विज्ञापन

जिला बनाओ संघर्ष समिति के बैनर तले एक अक्तूबर से चल रहे आमरण अनशन के 13वें दिन पांच दिनों से आमरण अनशन पर बैठे प्रकाश बोरा का ब्लड प्रेशर काफी बढ़ा गया और उनका ऑक्सीजन लेवल भी लगातार गिर रहा था। इस पर तहसीलदार एमसी पालीवाल ने पुलिस थानाध्यक्ष हिमांशु पंत के सहयोग से प्रकाश बोरा को उठाकर अस्पताल ले जाने का प्रयास किया। वहां मौजूद लोगों ने इसका विरोध किया। इस पर भारी पुलिस बल की मौजूदगी में प्रकाश को अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रकाश बोरा के आमरण अनशन से उठते ही कैंसर से जूझ रहे पीयूष वाल्मीकि ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है। दूसरे आमरण आंदोलनकारी गुड्डू कन्याल के स्वास्थ्रू में भी गिरावट दर्ज की गई है।
स्कूली बच्चों ने की डीडीहाट को जिला बनाने की मांग
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। डीडीहाट को जिला बनाने की मांग को लेकर अब प्राइवेट स्कूल के बच्चे भी आमरण अनशन स्थल में पहुंचकर आंदोलन से जुड़ रहे हैं। आंदोलन स्थल पहुंचे विद्या सागर इंटर कॉलेज के बच्चों ने हस्ताक्षर अभियान से जुड़कर डीडीहाट को जिला बनाने की मांग की। बच्चों ने पोस्टरों के माध्यम से जनपद स्तर के कार्यालयों को दर्शाकर जनपद बनने के बाद होने वाले विकास को बताया।
विज्ञापन

भाजपा ने उत्तराखंड की मूल भावनाओं को कुचलने का काम किया : पुनेड़ा
डीडीहाट(पिथौरागढ़)। उक्रांद के जिलाध्यक्ष चंद्र शेखर पुनेड़ा ने जिला बनानें की मांग को लेकर चल रहे आमरण अनशन को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि राज्य का गठन छोटी छोटी प्रशासनिक इकाइयों के गठन के लिए ही किया गया था। राज्य गठन के बाद भाजपा और कांग्रेस ने कभी भी उत्तराखंड में छोटी प्रशासनिक इकाइयों का गठन करने के लिए कोई प्रयास ही नहीं किया। भाजपा ने 15 अगस्त 2011 को भाजपा सरकार ने चार जिले बनाने की झूठी घोषणा कर उत्तराखंड के लोगों के साथ कुठारघात किया है। भाजपा की मंशा उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों को खत्म करने की है। भाजपा कभी भी उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों का विकास नहीं चाहती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें