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घर छोड़कर टैंटों में रह रहे आपदा पीड़ितों की नहीं ली सुध

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किशनपाल। - फोटो : PITHORAGARH
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पहाड़ी से मलबा और बोल्डर गिरने के बाद घरों को छोड़कर टेंट में रह रहे धापा के आपदा पीड़ितों की कोई सुध नहीं ली गई है। प्रशासन की ओर से कोई सहायता नहीं मिलने से आपदा पीड़ितों में नाराजगी है। सड़कों और पैदल मार्गों के बंद होने से मुनस्यारी के मल्ला जोहार, धापा और लिलम आदि जगहों पर राशन का संकट पैदा हो सकता है।
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रविवार तड़के मूसलाधार बारिश के दौरान पहाड़ी से मलबा और बोल्डर गिरने के बाद दहशत में आए धापा के 24 परिवारों के सदस्य घर छोड़कर सुरक्षित स्थान पर चले गए थे। इनमें से बीस परिवारों को सहकारी समिति के भवन में, जबकि चार परिवारों को टेंट में रखा गया है। सोमवार को भी इन परिवारों ने पूरा दिन टेंट में गुजारा। यह टेंट भी आपदा पीड़ितों ने खुद ही तैयार किए हैं। प्रशासन की ओर से सोमवार को भी कोई सहायता नहीं मिली। प्रभावित परिवारों को गधेरों से पानी जुटाना पड़ रहा है। कोई व्यवस्था नहीं होने से लोगों में काफी नाराजगी देखी गई। पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन के बाद डरे सहमे ग्रामीणों ने सभी परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पुनर्वासित करने की मांग की है।
जिस तरह धापा में भूस्खलन हो रहा है, इसके लिए शासन-प्रशासन को पुनर्वास के लिए पुख्ता इंतजाम करने चाहिए। धापा को आने वाली सड़क पर भूस्खलन से पुल के पास खतरा बना है। यदि यही हालत बने रहे तो यहां तक वाहनों का आ पाना भी मुश्किल होगा। - किशन पाल।
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‘च्याला हमी ईदी मुसीबत मां छां बेली छाग प्रशासनक मैसन ऐ छि टेंट और राशन दयूंल कयां छि आजी तक के न दी रन बा’ हम काफी मुसीबत में हैं। प्रशासन ने टेंट और राशन देने की बात कही थी, पर अब तक कोई मदद नहीं मिली है। - पानुली देवी।
हर साल बरसात में हम लोगों को इसी तरह अपना घर छोड़कर टेंट रहना पड़ता है। फिर भी सरकार कोई स्थायी हल नहीं निकाल रही है। सरकार ने सभी परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर बसाने का इंतजाम करना चाहिए। -दमयंती देवी।
नवंबर तक का राशन बांट दिया गया है। शेष जो भी अन्य दिक्कतें प्रभावित परिवारों को होंगी उनका नियमानुसार समाधान किया जाएगा। आपदा प्रभावितों को जरूरी सामान उपलब्ध कराया जाएगा। प्रशासन आपदा की घटनाओं पर नजर रखे हुए है। - भगत सिंह फोनिया, उपजिलाधिकारी मुनस्यारी।

दमयंती देवी।- फोटो : PITHORAGARH

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