प्रसव के बाद युवाओं की मदद से महिला को स्ट्रेचर में एंबुलेंस तक ले जाती ईएमटी। अमर उजाला
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चार साल की बच्ची के साथ किराए के मकान में रहने वाली प्रसव पीड़िता को स्ट्रेचर पर रखकर एंबुलेंस तक ले जाने के लिए कोई नहीं मिला। जच्चा बच्चा की जान पर बन आई तो 108 एंबुलेंस की ईएमटी ने घर में ही प्रसव करा दिया।
दीपा जाखनी में अपनी चार साल की बेटी के साथ किराए के मकान में रहती है। पति बाहर नौकरी करता है। गर्भवती दीपा को सोमवार सुबह सवा नौ बजे प्रसव पीड़ा हुई तो उसकी नाबालिग छोटी बहन ने 108 को फोन किया। उसने प्रसव पीड़ा होने और बिस्तर से उठ सकने की स्थिति में नहीं होने की जानकारी दी। इस पर 108 के जिला कार्डिनेटर परमानंद पंत ने ईएमटी विद्या सामंत को महिला के घर जाने के निर्देश दिए।
मकान सड़क से आधा किमी दूर था। महिला को स्ट्रेचर से एंबुलेंस तक पहुंचाने के लिए कोई मदद नहीं मिल सकी। एंबुलेंस का पायलट भी सड़क पर ही था। इस पर महिला ईएमटी ने दीपा का घर में ही प्रसव कराना उचित समझा। नवजात की हालत नाजुक होने पर एंबुलेंस में ले जाकर ऑक्सीजन दी गई। स्थिति को देखते हुए दूसरी एंबुलेंस की ईएमटी रानी को भी मौके पर भेजा गया।
दोनों ईएमटी स्ट्रेचर पर पीड़िता को लाने लगीं तो आसपास के कुछ युवाओं ने एंबुलेंस तक पहुंचाने में मदद की। इसके बाद जच्चा-बच्चा को महिला अस्पताल में भर्ती कराया जा सका, जहां अब दोनों स्वस्थ हैं।
अस्पताल के गेट पर कराया प्रसव
पिथौरागढ़। डीडीहाट के अजेड़ा गांव से प्रसव पीड़िता सोनिया को 108 से डीडीहाट अस्पताल ले जाया गया। तेज प्रसव पीड़ा होने के कारण अस्पताल के गेट पर ही स्टाफ नर्स की मदद से प्रसव करा दिया गया। बताया जा रहा है कि पीड़िता को लेबर रूम तक ले जाना संभव नहीं हो सका, तब तक प्रसव हो गया। उसके बाद उसे भर्ती कराया गया।