-देहरादून में राज्य निर्वाचन आयुक्त को ज्ञापन देते पिथौरागढ़ जिले के कर्मचारी। स्रोत:कर्मचारी स
पिथौरागढ़। जिले के कर्मचारियों का प्रतिनिधिमंडल देहरादून पहुंचकर राज्य निर्वाचन आयुक्त से मिला और ज्ञापन दिया। प्रतिनिधिमंडल में शामिल कर्मियों ने कहा कि पंचायत चुनाव में उनके हितों की अनदेखी हुई है। महिला कार्मिकों की मानकों के इतर ड्यूटी लगा दी गई। दिल के मरीजों, गर्भवती महिला कर्मियों को जबरन चुनाव ड्यूटी में शामिल कर दिया गया। उन्होंने कहा कि इस तरह की मनमानी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन आयुक्त को पत्र देते हुए कहा कि पंचायत चुनाव में महिला कार्मिकों को अन्य विकासखंडों में ड्यूटी पर भेजा गया जो नियमों के खिलाफ है। ऐसा कर उनकी सुरक्षा को अनदेखा किया गया। मतदान के सात दिन पहले की पोलिंग पार्टियों और इसमें शामिल कर्मियों की सूची लीक हो गई जो एनआईसी और जिला प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है। सूची लीक होने से मतदान कर्मियों को प्रत्याशियों के फोन आते रहे जिससे उन्हें मानसिक तनाव झेलना पड़ा।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य खराब होने से मुनस्यारी से सहायक निर्वाचन अधिकारी को हेलिकॉप्टर से हायर सेंटर भेजा गया जबकि इस विकासखंड में तैनात पीठासीन अधिकारी का पैर फ्रैक्चर होने के बाद भी उन्हें कोई मदद नहीं मिली। उन्हें अपने खर्च से वाहन बुक कर जिला मुख्यालय लौटना पड़ा। इसके अलावा ओपन हार्ट सर्जरी, कैंसर से ग्रसित और डायलिसिस करा रहे कार्मिकों की भी चुनाव में ड्यूटी लगा दी गई।
चुनाव ड्यूटी के दौरान मृतक कर्मी की मतगणना में ड्यूटी लगाना एनआईसी और जिला प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि जिले में वर्षों से जमे अधिकारियों ने इस तरह की मनमानी की है। ऐसे अधिकारियों पर कार्रवाई करते हुए इनका स्थानांतरण होना चाहिए। प्रतिनिधिमंडल में शामिल जितेंद्र वल्दिया, मदन शाही, प्रमोद जोशी और चंचल वल्दिया ने बताया कि निर्वाचन आयुक्त ने सभी मुद्दों पर उचित निर्णय लेने का आश्वासन दिया है।