कलक्ट्रेट गेट पर प्रदर्शन करते जयकोट के ग्रामीण। संवाद
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पिथौरागढ़। धारचूला के जयकोट ग्राम सभा को जोड़ने वाली सड़क नौ माह से बंद पड़ी है। गांव में संचार की भी सुविधा नहीं है। बार-बार मांग करने के बाद भी मांगों पर ध्यान नहीं देने से नाराज ग्रामीणों ने डेढ़ सौ किमी दूर जिला मुख्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि दस दिन के भीतर सड़क खोलने को लेकर पहल नहीं की जाती है तो 2022 के विधानसभा चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा।
जयकोट के क्षेत्र पंचायत सदस्य लक्ष्मण नगपुरिया, देवेंद्र सिंह बड़ाल, पूर्व छात्र संघ महासचिव भूपेश सिंह बिष्ट और प्रधान प्रतिनिधि हरदेव मेहता के नेतृत्व में बृहस्पतिवार को जिला मुख्यालय पहुंचे जयकोट के ग्रामीणों ने कहा कि वर्ष 2016 से ग्राम सभा जयकोट के लिए सड़क का निर्माण शुरू हुआ था। यह सड़क पिछले नौ माह से बंद पड़ी है। सड़क निर्माण से ग्रामीणों की कृषि भूमि को नुकसान पहुंचाया गया। आज तक मुआवजा नहीं दिया गया है।
जमीनें कटने के बाद भी उन्हें सड़क सुविधा का लाभ नहीं मिला है। नौ माह से बंद पड़ी सड़क को खोलने के लिए मुख्यमंत्री से भी निवेदन किया गया इसके बावजूद सड़क नहीं खोली गई है। क्षेत्र में संचार की कोई सुविधा नहीं है। बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई से भी वंचित हैं। इसको लेकर पांच दिसंबर को ग्राम प्रधान राधा देवी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पिथौरागढ़ जाकर जिलाधिकारी को समस्या से अवगत कराने का निर्णय लिया गया।
यदि इसके बाद भी उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता है तो सभी ग्रामीण चुनाव बहिष्कार करेंगे। प्रदर्शन करने वालों में अरुण सिंह, रवींद्र सिंह, रमेश सिंह, बसंती देवी, विक्रम सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामसभा के युवा शामिल थे।