पिथौरागढ़। सीमांत क्षेत्र के लोग नैनीसैनी हवाई पट्टी से विमान सेवा के संचालन का 1990 के दशक से सपना देख रहे हैं। वह यहां से हवाई सेवा को जरूरी बताते हैं लेकिन अब हेली सेवा के भी बंद होने से लोग निराश हैं। लोगों का एक ही सवाल है कि मेंटेनेंस के नाम पर हेली सेवा को कब तक बंद रखा जाएगा।
नैनीसैनी हवाई पट्टी के विस्तार के बाद वर्ष 2018 में नागरिक उड्डयन विभाग के अधिकारियों की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद उड़ानों के लिए सभी व्यवस्थाएं स्थापित की गई। यहां 17 जनवरी 2019 को हेरिटेज एविएशन का विमान उतरा था। कुछ माह बाद देहरादून-पंतनगर-हिंडन के लिए भी हवाई सेवा मिली। हालांकि बीच-बीच में उड़ान में बाधाएं आती रहीं लेकिन 20 मार्च 2020 से यहां से हवाई सेवा पूरी तरह बंद है। 28 वर्षों के इंतजार के बाद शुरू हुई विमान सेवा केवल 14 माह चलने के बाद बंद हो गई। अब पिछले साल अक्तूबर से लोगों को महंगी हेली सेवा तो मिली है, लेकिन वह भी नियमित नहीं रही है। अब पिछले 20 दिनों से हेलिकॉप्टर मेंटेनेंस के लिए भेजा गया जो लौटा नहीं है। इस कारण हवाई यात्रा का सपना देख रहे लोग मायूस हैं और सड़क मार्ग से यात्रा करने के लिए मजबूर हैं।
हेली सेवा का संचालन सरकार ने शुरू कर राहत तो दी, लेकिन सेवा तो नियमित नहीं चल रही है। सरकार को कम से कम इसे नियमित तो करना चाहिए, जिससे जरूरत के समय काम आ सके। विमान तो दूर हेली सेवा भी 27 अप्रैल से बंद है। - भावना नगरकोटी, सभासद दौला, पिथौरागढ़।
हेली सेवा का संचालन अच्छी बात है, लेकिन अगर विमान सेवा का संचालन होता तो ज्यादा बेहतर होता। एक समय में अधिक से अधिक लोग हवाई यात्रा का आनंद लेते हुए देहरादून पहुंच जाते। पर अब तो हेली संचालन को लेकर ही संशय हो रहा है। - कार्तिक खर्कवाल, इंटक कांग्रेस, जिलाध्यक्ष।