पिथौरागढ़। पिथौरागढ़-घाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार पहाड़ी दरक रही है। बुधवार को भी दिन में इस मार्ग पर गुरना और चुपकोट के समीप दो स्थानों पर भारी मात्रा में मलबा आ गया, जिसके चलते मार्ग चार घंटे मार्ग बंद रहा। इस दौरान दोनों ओर सैकड़ों की संख्या में वाहन फंसे रहे। यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सीमांत जिले की जीवन रेखा कहा जाने वाला पिथौरागढ़-घाट मार्ग लगातार बाधित हो रहा है। गुरना से लेकर घाट तक कई स्थानों पर पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिर रहा है। एक सप्ताह तक बाधित रहे इस सड़क को सोमवार की रात को वाहनों के लिए खोला जा सका था। बुधवार की सुबह लगभग दस बजे सड़क में गुरना और चुपकोट बैंड के पास फिर मलबा आ गया। दो स्थानों पर सड़क बंद होने से दोनों ओर सैकड़ों की संख्या में वाहन फंस गए। दोनों स्थानों पर मलबा हटाने का काम शुरू हुआ। दिन में दो बजे सड़क को यातायात के लिए सुुचारु किया जा सका। लगातार सड़क के बाधित होने से सीमांत जिले की जनता को तमाम परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। बुधवार को कनालीछीना के समीप सड़क पर मलबा आने से पिथौरागढ़-धारचूला एनएच में भी कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा।
सीमा को जोड़ने वाली छह और 15 ग्रामीण सड़कें बंद
पिथौरागढ़। मूसलाधार बारिश के कारण पिथौरागढ़ जनपद में सीमा को जाने वाली छह सड़कों के साथ ही कुल 21 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। इनमें सीमा को जोड़ने वाली घट्टाबगड़- लिपुलेख, तवाघाट-घट्टाबड़, तवाघाट- सोबला, गुंजी- ज्योलिंगकांग, जौलजीबी- मुनस्यारी, सोबला- तिदांग सड़कें शामिल हैं।इसके अलावा 15 ग्रामीण सड़कें बंद हैं। सभी सड़कों को खोलने का काम जारी है। (संवाद)
शव ले जा रहे वाहन भी फंसे
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़-घाट सड़क के बार-बार बाधित होने से शव दाह में भी परेशानी हो रही है। पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय से लेकर आसपास के पूरे क्षेत्र के लोग शव दाह के लिए इसी रूट से रामेश्वर जाते हैं। सड़क के बंद होने से कई बार झूलाघाट या फिर काली नदी पीपली जाना पड़ रहा है। बुधवार को भी दिन में सड़क बंद होने से शव ले जा रहे वाहन भी फंसे रहे।(संवाद)
घाट पंपिंग योजना से पानी की आपूर्ति ठप
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़-घाट बारहमासी सड़क में कई स्थानों पर मलबा आने से घाट पंपिंग योजना भी बाधित हो गई है। हाल ही में सुधारी गई इस पेयजल योजना से वर्तमान में दो एमएलडी पानी मिलता है। जल संस्थान के एई सुरेश चंद्र जोशी ने बताया कि घाट सड़क पर मलबा आने से कुछ स्थानों पर पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हुई है। मलबा हटाने के बाद योजना के पाइप दुरुस्त की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस पेयजल योजना के बाधित होने से नगर के हनुमान मंदिर क्षेत्र की जलापूर्ति आंशिक रूप से प्रभावित रहेगी। (संवाद)
चंपावत में 14 ग्रामीण सड़कें अभी भी बंद
चंपावत। जिले में भारी बारिश के कारण मलबा आने से अवरुद्ध हुईं 14 ग्रामीण सड़कें अभी भी नहीं खुली हैं। जिला आपदा नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार जिले में कालूखान-मैरोली, गौड़ी-किमतोली, रीठा-बिनवाल गांव, टाक-करौली, सांगो-घिंघारूकोट, तिमलागूंठ-पीपलढींग, पनियां-रीठाखाल, पटनगांव-कजीना, मरोड़ाखान-पाटल, धौन-दियूरी, बाराकोट-कोठेरा, साल-कानाकोट, बाराकोट-सिमलखेत, रीठाखाल-मनटांडे आदि मार्ग बंद हैं। संबंधित कार्यदायी एजेंसियों की ओर से मलबा हटाने का कार्य लगातार किया जा रहा है। (संवाद)