फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिला अस्पताल में बरामदे में भर्ती रोगियों को रात भर काट रहे हैं मच्छर

विज्ञापन
पिथौरागढ़ जिला अस्पताल में इस तरह बरामदे में रोगियों का उपचार किया जा रहा है। - फोटो : PITHORAGARH
विज्ञापन
पिथौरागढ़। सीमांत जिले के सबसे बड़े जिला अस्पताल में रोगियों का भार बढ़ता जा रहा है। रोगियों की संख्या बढ़ने के बाद अस्पताल प्रबंधन रोगियों को बरामदे में भर्ती कर उनका इलाज कर रहा है। खराब मौसम में भर्ती रोगियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बरामदे में भर्ती रोगियों को रात भर मच्छर काट रहे हैं। इसके बाद भी रोगियों के दर्द की किसी को परवाह नहीं है।
विज्ञापन

बृहस्पतिवार को सुबह 10.30 बजे संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने जिला अस्पताल की पड़ताल की। इस दौरान पर्ची काउंटर से लेकर सभी चिकित्सा विशेषज्ञों के केबिन के बाहर मरीजों अपनी बारी की प्रतीक्षा में खड़े नजर आए।
अस्पताल के वार्डों के अलावा बरामदे में भी मरीज भर्ती मिले। पूछने पर पता चला कि जिला अस्पताल में क्षमता से अधिक रोगी भर्ती हैं। इस कारण रोगियों को बरामदे में भर्ती किया गया है। बरामदे में भर्ती रोगियों ने बताया कि हर रोज शाम को बारिश हो रही है जिस कारण बरामदे में उन्हें ठंड लग रही है। सुबह-शाम के समय मच्छर उन्हें काट रहे हैं।
विज्ञापन

जिला अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि जिला अस्पताल में आए दिन रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है जिस कारण रोगियों को मजबूरन बरामदे में भर्ती किया गया है। जिला अस्पताल में 102 से अधिक रोगी भर्ती हैं। एक वार्ड को कोविड रोगियों के लिए आरक्षित रखा गया है। इस कारण अस्पताल प्रबंधन रोगियों को बरामदे में भर्ती कर रहा है। बरामदे में भर्ती रोगियों को खराब मौसम के साथ-साथ मच्छरों का भी सामना करना पड़ रहा है जिससे रोगी परेशान हैं। उन्होंने सरकार और अस्पताल प्रबंधन से व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की है।
दो बजे अस्पताल जाने के बाद नहीं मिल रही है दवा
पिथौरागढ़। जिला अस्पताल पिथौरागढ़ में दोपहर दो बजे बाद रोगी आपातकालीन ड्यूटी में तैनात चिकित्सक को दिखा रहे हैं। चिकित्सक दो बजे बाद अस्पताल आने वाले रोगियों के लिए बाहर से दवा लिख रहे हैं। संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने जब चिकित्सकों से पूछा कि दो बजे बाद अस्पताल से क्यों दवा नहीं मिलती तो उन्होंने बताया कि दो बजे आपातकालीन कक्ष में आने वाले रोगियों को इंजेक्शन लगाया जाता है। दवा वितरण कक्ष बंद हो जाता है जिस कारण रोगियों के लिए बाहर से दवा लिखनी पड़ती है। संवाद
जिला अस्पताल में क्षमता से अधिक रोगी भर्ती हैं। इस कारण रोगियों को बरामदे में भर्ती किया गया है। रोगियों को कोई दिक्कत न हो इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। डॉ. केसी भट्ट, पीएमएस जिला अस्पताल पिथौरागढ़।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें