मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद ही सभी अधिकारियों से जनता से सीधा संवाद स्थापित कर फोन रिसीव कर उनकी समस्याओं को सुनने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद दुर्गम और आपदा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील सीमांत जिले के डीएम, एसपी, एसडीएम सहित अन्य अधिकारी विधायक का फोन नहीं उठाते हैं। अधिकारियों पर यह आरोप कांग्रेस विधायक हरीश धामी ने लगाया है। उन्होंने अपना यह दर्द सोशल मीडिया पर साझा किया है।
धारचूला विधायक हरीश धामी ने अपनी फेसबुक आईडी पर लिखा है कि जिले के अधिकारी आपदा से ग्रस्त क्षेत्र में भी गैरजिम्मेदार रवैया अपनाए हुए हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि डीएम ने उनका फोन रिसीव नहीं किया। गैर जिम्मेदार अधिकारियों को सीमांत जिले में भेजना गलत है। वह इस मामले को सदन में उठाएंगे। पहाड़ विरोधी अधिकारी ही जिले में भेजे जा रहे हैं। अपनी पोस्ट में हरीश धामी ने लिखा है कि धारचूला विधानसभा आपदा से ग्रस्त है। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण यहां भूस्खलन का खतरा रहता है, जब आला अधिकारी फोन नहीं उठाते हैं तो अन्य विभाग के अधिकारियों से क्या उम्मीद की जा सकती है।
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विधायक ने आगे लिखा कि जब चुने हुए जनप्रतिनिधि का फोन नहीं उठाया जाता है तो आम जनता की ये अधिकारी क्या मदद करते होंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से ऐसे पहाड़ विरोधी अधिकारियों को जिले में नहीं भेजने की मांग की जाएगी। सरकार और मुख्यमंत्री को इन अधिकारियों पर उचित कार्यवाही करनी चाहिए। विधायक धामी की यह पोस्ट अब सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी है। इसे खबर लिखे जाने तक 24 लोगों ने शेयर जबकि 700 से ज्यादा लोग इसे लाइक कर चुके थे।
मैं हर किसी का फोन उठाता हूं। हर समय फोन रिसीव करना कभी-कभार संभव नहीं होता। विधायक का फोन न उठे, ऐसा संभव नहीं है। मेरे संज्ञान में भी आया है कि विधायक हरीश धामी ने मेरे और अन्य अधिकारियों के फोन नं उठाने की पोस्ट सोशल मीडिया में डाली है।
- विनोद गोस्वामी, डीएम, पिथौरागढ़।
मैंने डीएम को फोन किया लेकिन उन्होंने रिसीव नहीं किया। आए दिन ऐसा हो रहा है। अन्य अधिकारी भी फोन नहीं उठाते। जनता के सेवक यदि विधायक का ही फोन नहीं उठाते तो समझा जा सकता है कि जनता की क्या सुनवाई होगी। मामले को सदन में उठाया जाएगा।
- हरीश धामी, विधायक, धारचूला।