कांग्रेस के पूर्व पिथौरागढ़ जिलाध्यक्ष और वर्तमान में प्रदेश सहकारिता परिषद के उपाध्यक्ष दर्जा राज्यमंत्री महेंद्र सिंह लुंठी ने कांग्रेस को अलविदा कर दिया है और वह भाजपा में शामिल हो गए हैं। लुंठी शनिवार को देहरादून में थे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य के भाजपा में शामिल होने के दिन से ही लुंठी खुद को असहज महसूस कर रहे थे। अब तक काफी विचार मंथन में लगे लुंठी ने आखिरकार भाजपा में शामिल होने का फैसला कर लिया।
लुंठी ने देहरादून से फोन पर कहा कि प्रदेश कांग्रेस में हरीश रावत की ‘एकला चलो’ नीति के कारण ही पार्टी में यह स्थिति सामने आ रही है। उन्होंने दावा किया कि कई और नेता पार्टी छोड़ेंगे। लुंठी हरीश रावत की सरकार में प्रदेश प्रवक्ता पद पर रहे। उसके बाद उनको कांग्रेस का पिथौरागढ़ जिलाध्यक्ष बनाया गया। अक्तूबर 2016 तक वह पिथौरागढ़ कांग्रेस जिलाध्यक्ष रहे और 15 अक्तूबर को शासन ने उनको सहकारिता परिषद का उपाध्यक्ष बनाकर राज्यमंत्री का दर्जा दे दिया। छात्र जीवन से ही आंदोलनों में सक्रिय रहने वाले लुंठी ने राज्य आंदोलन में भी हिस्सा लिया।
इस बार जब विधानसभा चुनाव के लिए दावेदारों के आवेदन मांगे जा रहे थे, तब लुंठी ने पिथौरागढ़ सीट से अपनी दावेदारी जताते हुए आवेदन किया था। लुंठी ने कहा कि अब घुटन समाप्त हो गई है। पिथौरागढ़ सीट पर भाजपा प्रत्याशी प्रकाश पंत के पक्ष में खुलकर प्रचार करेंगे। देहरादून में उन्होंने वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में भाजपा का दामन थामा। लुंठी के साथ कांग्रेस प्रदेश सचिव राजेंद्र भट्ट और दर्शन फुलोरिया भी भाजपा में चले गए हैं।
अवसरवादियों को जनता जवाब देगी
कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश पंत ने कहा कि अपने स्वार्थ के लिए राजनीति में अवसरवाद का सहारा लेने वालों को जनता अच्छी तरह जानती है और उनको समय आने पर जवाब भी देगी। उन्होंने कहा कि लुंठी के पार्टी छोड़ने से कोई नुकसान होने वाला नहीं है।