मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। तहसील मुख्यालय से 22 किमी की दूरी पर स्थित क्वीरीजिमिया के लोग आजादी के सात दशक बाद भी सड़क सुविधा से वंचित हैं। गांव के लोगों की जेब सामान का भाड़ा देते- देते खाली हो जाती है। ग्रामीणों को सड़क से गांव तक सामान पहुंचाने के लिए 250 रुपये देने पड़ते हैं।
क्वीरीजिमिया की आबादी लगभग दो हजार है। गांव तक पहुंचने के लिए सात किमी का पैदल सफर करना पड़ता है। मुनस्यारी से ग्रामीण वाहन से 15 किमी का सफर कर चिलमधार पहुंचते और फिर यहां से गांव पैदल जाते हैं। बीमार और बुजुर्गों को डोली के ही सहारे सड़क तक पहुंचाना पड़ता है।
गांव तक कोई भी सामान पहुंचाने के लिए प्रति घोड़ा या खच्चर उन्हें 250 रुपये देने पड़ते हैं। इसमें ग्रामीणों की अधिकांश गाढ़ी कमाई खर्च हो जाती है। चुनाव से पहले पांच किमी सड़क निर्माण का टेंडर स्वीकृति के लिए डाला गया था जिसकी लागत 93 लाख थी लेकिन स्वीकृति नहीं मिली।
सीएम से मुलाकात कर क्वीरीजिमिया सड़क निर्माण का मामला रखा है। सीएम ने जल्द ही सड़क निर्माण का आश्वासन दिया है। सीएम के आश्वासन के बाद सड़क निर्माण की उम्मीद जग गई है।
देवेंद्र सिंह देवा, पूर्व प्रधान, क्वीरिजिमिया।
दशकों से गांव के लोग पैदल ही आवाजाही कर रहे हैं। पूर्व में भी सड़क निर्माण की मांग के लिए चुनाव बहिष्कार किया लेकिन प्रशासन ने निर्माण का आश्वासन देकर हमेशा मना लिया। मगर चुनाव के बाद हालात पहले जैसे ही रहे।
हरीश सिंह क्वीरियाल, क्वीरिजिमिया।
क्वीरीजिमिया तक सड़क निर्माण मुख्यमंत्री घोषणा में है। मुख्यमंत्री घोषणा में होने के चलते क्वीरीजिमिया तक सड़क निर्माण की स्वीकृति मिल जाएगी। स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण की कार्यवाही की जाएगी।
पीपी गोस्वामी, सहायक अभियंता, लोनिवि, मुनस्यारी।
देवेंद्र सिंह देवा, पूर्व प्रधान, क्वीरिजिमिया।- फोटो : PITHORAGARH