मूनाकोट ब्लॉक में लगी च्यूरा मशीन। संवाद
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पिथौरागढ़। जीआई टैग मिलने के बाद भी च्यूरा उत्पादन परवान नहीं चढ़ सका है। गुरना क्षेत्र के लिए स्वीकृत इस मशीन को बीएडीपी के तहत मूनाकोट ब्लॉक में रख दिया है, जो पिछले तीन साल से ब्लॉक में जंग खा रही है।
जनपद भ्रमण के दौरान पूर्व जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मी भट्ट ने राज्यपाल बेबीरानी मौर्य से मुलाकात कर गुरना क्षेत्र के लिए च्यूरा पिराई मशीन लगाने की मांग की थी। सभी प्रक्रिया पूरी होने के बाद वर्ष 2018 में पिथौरागढ़ जिले के लिए पेराई मशीन की स्वीकृति मिली।
गुरना क्षेत्र के हिमतड़, सेल, सल्ला समेत कुछ गांव मूनाकोट क्षेत्र में आते थे। पूर्व जिला पंचायत सदस्य भट्ट ने हिमतड़ को केंद्र बनाते हुए मशीन हिमतड़ में लगाने की मांग की थी लेकिन मशीन को ब्लॉक में रख दिया गया है।
घाट क्षेत्र के बेड़ा, निशनी, सिमली, गोगना, हिमतड़, सेल, सल्ला आदि क्षेत्र में बहुतायत में च्यूरा होता है। च्यूरा से घी, सौंदर्य प्रसाधन सामग्री सहित कई उत्पाद तैयार होते हैं।
राज्य आंदोलनकारी राजेंद्र भट्ट ने कहा कि अगर मशीन हिमतड़ में लगती तो विण और मूनाकोट ब्लॉक की महिलाएं आत्मनिर्भर बनती लेकिन मशीन के मूनाकोट में लगने से इसका लाभ एक ब्लॉक के लोगों को भी नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन से इस मशीन को शीघ्र स्थापित करने के लिए उचित कार्यवाही करने की मांग की है ताकि जरूरतमंद परिवारों को इसका लाभ मिल सके।