पिथौरागढ़ । राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) की ओर से बेड़ीनाग के चौकोड़ी क्षेत्र में चौकोड़ी नॉन-वाटरशेड परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई है। दो वर्ष की अवधि वाली इस परियोजना की कुल लागत 1.08 करोड़ रुपये है। इसमें नाबार्ड की ओर से 49.34 लाख की अनुदान सहायता दी जाएगी। परियोजना से 190 लाभार्थी परिवारों को आयवर्द्धन के अवसर उपलब्ध होंगे।
परियोजना का क्रियान्वयन हिमालयन ग्राम विकास समिति सुविधा प्रदाता संस्था के रूप में करेगी। संस्था समुदाय के साथ समन्वय स्थापित करते हुए जल संरक्षण, पॉलीहाउस स्थापना, बकरी पालन, भूमि विकास, प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण संबंधी गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक राकेश सिंह कन्याल ने बताया कि पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि मुख्यतः निर्वाह आधारित है। वन्यजीवों के बढ़ते प्रकोप एवं पलायन के कारण खेती का क्षेत्र लगातार सिमट रहा है। दूसरी ओर स्थानीय बाजारों में बिकने वाली अधिकांश सब्जियां मैदानी क्षेत्रों से आ रही हैं।
उन्होंने बताया कि इस परियोजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों में सब्जी उत्पादन एवं बकरी पालन के माध्यम से आय सृजन की आदत विकसित करना एवं स्थानीय स्तर पर सब्जियों की उपलब्धता बढ़ाना है।
50 जल भंडारण टैंक बनाए जाएंगे
परियोजना के तहत वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देते हुए 10,000 लीटर क्षमता के 50 फेरो-लाइन जल भंडारण टैंक निर्मित किए जाएंगे। इन जल संरचनाओं का उपयोग मुख्य रूप से पॉलीहाउस एवं सब्जी उत्पादन गतिविधियों में किया जाएगा। 50 और 20 वर्गमीटर के 50 पॉलीहाउस स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा 100 लाभार्थियों को खुले खेतों में सब्जी उत्पादन के लिए सहायता प्रदान की जाएगी। पशुपालन आधारित आय सृजन को बढ़ावा देने हेतु 40 बकरी पालन इकाइयां स्थापित की जाएंगी।
आजीविका के नए अवसर होंगे सृजित
नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक राकेश सिंह कन्याल ने बताया कि जल संरक्षण, संरक्षित खेती, बकरी पालन एवं प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन को एकीकृत रूप से अपनाने वाली यह परियोजना ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने के साथ-साथ आजीविका के नए अवसर सृजित करेगी। परियोजना से किसानों को बाजारोन्मुख खेती अपनाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना पिथौरागढ़ सहित अन्य पर्वतीय क्षेत्रों के लिए एक मॉडल परियोजना के रूप में कार्य करेगी।