चंपावत। नगर की प्रकाश व्यवस्था को आधुनिक और दुरुस्त करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। जल्द ही शहर का पूरा क्षेत्र केंद्रीकृत प्रणाली (सेंट्रलाइज्ड सिस्टम) से जुड़कर दूधिया रोशनी से जगमग नजर आएगा। मुख्यमंत्री घोषणा के तहत नगरपालिका ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है और पहले चरण के लिए टेंडर प्रक्रिया भी कर दी गई है।
योजना के तहत छतार से लेकर ग्रिफ कैंप तक के पालिका क्षेत्र को रोशन किया जाएगा। लगभग 10 वर्ग किलोमीटर के दायरे में आने वाले नौ वार्डों छतार, तल्ली मादली, मल्ली मादली, कनलगांव, गोरल चौड़, जूप, नागनाथ, बालेश्वर और भैरवा में यह हाई-टेक व्यवस्था लागू होगी।
वर्तमान में इन वार्डों में करीब 3,000 स्ट्रीट लाइटें हैं लेकिन समय पर स्विच ऑफ न होने से कई बार दिनभर बत्तियां जलती रहती हैं और बिजली बर्बाद होती है।
इस समस्या से निजात पाने के लिए 2.50 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से पहले चरण का काम शुरू किया गया है। ईओ भरत त्रिपाठी ने बताया कि लगभग पांच करोड़ रुपये की कुल लागत से डीपीआर तैयार की गई है जिसे तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। डेढ़ साल के भीतर शहर की लाइटिंग व्यवस्था पूरी तरह हाई-टेक और सुचारु हो जाएगी।
स्ट्रीट लाइट खराब होते ही पालिका को चल जाएगा पता
नई केंद्रीकृत प्रणाली लागू होने के बाद नगर की प्रकाश व्यवस्था बेहतर बनी रहेगी। नगर में लगी स्ट्रीट लाइट खराब होते ही उसकी जानकारी तुरंत नगर पालिका तक पहुंच जाएगी। प्रणाली में लगे स्मार्ट सेंसर और मॉनिटरिंग तकनीक किसी भी पोल की लाइट के बंद होने और खराब होने पर कंट्रोल रूम को तुरंत अलर्ट कर देगा।