'Cataract' in third eye of police
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पिथौरागढ़। आपराधिक घटनाओं के साथ ही जाम आदि पर नजर रखने वाली पुलिस की तीसरी आंख में मोतियाबिंद हो गया है। दरअसल नगर की सुरक्षा के लिए लगाए गए 39 सीसीटीवी कैमरों में से 13 कैमरे लंबे समय से खराब चल रहे हैं। इसके बावजूद इन्हें ठीक करने के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। सीसीटीवी कैमरों के खराब होने के कारण पुलिस को कई बार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
विधायक मयूख महर ने वर्ष 2015 में विधायक निधि से नगर के मुख्य तिराहे, चौराहों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर 39 से अधिक सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए थे। इनकी मदद से तमाम आपराधिक मामलों के साथ ही यातायात व्यवस्था में सुधार करने में मदद मिल रही थी। वर्तमान में नगर क्षेत्र में लगाए सिर्फ सीसीटीवी कैमरों में से 26 ही काम कर रहे हैं। 13 कैमरे लंबे समय से खराब हैं। कुछ समय पूर्व तक तो सिर्फ तीन ही कैमरे काम कर रहे थे। बाद में नगर पालिका के सहयोग से कुछ सीसीटीवी कैमरों को ठीक कराया गया।
जाम आदि घटनाओं पर तुरंत होती थी कार्रवाई
पिथौरागढ़। नगर में सीसीटीवी कैमरे खराब होने से जाम की समस्या पर भी असर पड़ा है। पूर्व में जब सीसीटीवी कैमरे सही थे तब नगर के कई हिस्सों में जाम लगने पर तुरंत कंट्रोल रूम से यातायात और कोतवाली पुलिस को सूचना दी जाती थी। पुलिस मौके पर पहुंचकर जाम को खुलवाकर लोगों को राहत पहुंचाती थी।
नगर में स्थापित सीसीटीवी कैमरों को ठीक करने के लिए नगर पालिका को लगातार पत्राचार किया जा रहा है। कुछ खराब कैमरों को ठीक कर लिया गया है। - प्रदीप कुमार, निरीक्षक पुलिस कंट्रोल रूम पिथौरागढ़।